Breaking News

रोचक: क्या आप जानते हैं कि क्यों बनाई जाती है जीन्स में छोटी-सी पॉकेट

अगर आप भी जींस पहनते हैं, तो आपने भी इसकी जेब के ऊपर अटैच छोटा-पॉकेट देखा होगा। हममे से ज्यादातर लोग इस पॉकेट का इस्तेमाल सिक्के रखने के लिए करते हैं। लेकिन असल में इसे किसी और चीज को रखने के लिए बनाया गया था।

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (13 दिसंबर, 2021)

दुनिया में जींस को अमेरिका ने इंट्रोड्यूस करवाया था। इस देश से होते हुए जींस दुनिया के सारे कोनों में पहुंच गई। जिस जींस को आज फैशन स्टेटमेंट माना जाता है, असल में उसका निर्माण मजदूरों के लिए किया गया था। जींस बनाने के पीछे कारण था मजदूरों के कपड़े ज्यादा गंदे ना हों। जी हां, बार-बार पैंट को धोना ना पड़े इस कारण जींस बनाई गई थी। आज के समय में हर कोई जीन्स पहनता है। इसके पॉकेट के अंदर के हिस्से में एक छोटा पॉकेट बना रहता है। इसे हम सिक्के रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि असल में ये किसी और चीज के लिए बनाया गया है।

जींस के पॉकेट के अंदर के एरिया में एक छोटा सा स्पेस बनाया जाता है। आमतौर पर हम इसमें सिक्के डाल देते हैं। लेकिन दाएं तरफ बनी का असली उपयोग किसी और कारण से होता है। दरअसल, इसे सिक्के नहीं, बल्कि छोटी घड़ी रखने के लिए यूज किया जाता है।

दरअसल,जींस का इतिहास काफी पुराना है। शुरुआत में तो इसे मजदूरों के लिए बनाया गया था लेकिन बाद में ये फैशन स्टेटमेंट बन गया। 18वीं सदी में छोटी चेन वाली घड़ियां चलती थी। उसी घड़ी को रखने के लिए पॉकेट में ये स्पेस बनाया गया था। इस स्पेस को बनाना लेवी स्ट्रॉस नाम की कंपनी ने शुरू किया था। यही अब लेविस बन चुका है।

जींस के दाएं तरफ मौजूद इस स्पेस को आधिकारिक तौर पर वॉच पॉकेट कहा जाता है। पुराने समय में काऊब्वॉयज़ इसके अंदर चेन वाली घड़ी रखते थे। लेकिन बाद में जब इस घड़ी का चलन कम हुआ तो लोगों को लगने लगा कि असल में ये सिक्के रखने के लिए बनाए जाते हैं। इस स्पेस में घड़ी रखने से इसके टूटने-फूटने के चांसेस कम होते थे। इसका इस्तेमाल हर मजदुर करता था। बाद में इस वॉच पॉकेट को लोग इतना पसंद करने लगे कि अब भी इसे दायीं तरफ बनाया जाता है।

Check Also

आरजेडी का घोषणा पत्र जारी; 1 करोड़ नौकरी, 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (13 अप्रैल 2024) लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-