स्वामीनाथन ने हरसंभव सावधानी बरतने और मास्क का उपयोग करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि मास्क “आपकी जेब में रखा वैक्सीन” है जो विशेष रूप से इनडोर सेटिंग्स में अत्यधिक प्रभावी है।
@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (28 नवंबर, 2021)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि कोविड -19 का नया वैरिएंट ‘ओमिक्रोन’ भारत में कोविड के उचित व्यवहार के लिए एक “चेतावनी” हो सकता है। स्वामीनाथन ने हरसंभव सावधानी बरतने और मास्क का उपयोग करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि मास्क “आपकी जेब में रखा वैक्सीन” है जो विशेष रूप से इनडोर सेटिंग्स में अत्यधिक प्रभावी है।
स्वामीनाथन ने कहा, ‘ओमिक्रोन’ से लड़ने के लिए विज्ञान आधारित रणनीति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी वयस्कों का पूर्ण टीकाकरण, सामूहिक समारोहों से बचना, व्यापक जीनोम सिक्वेंसिंग, मामलों में किसी भी असामान्य वृद्धि की बारीकी से निगरानी करना, ‘ओमिक्रोन’ से लड़ने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए कुछ सुझाव हैं, जिससे चिंता कम हो सकती है।
स्वामीनाथन ने कहा कि यह वैरिएंट डेल्टा की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “हम कुछ दिनों में इस स्ट्रेन के बारे में और जान सकेंगे।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने “ओमिक्रोन” को ‘चिंताजनक’ करार दिया है। यह कोविड के पिछले वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों को अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि क्या यह अन्य वैरिएंट्स की तुलना में कम या ज्यादा गंभीर कोविड-19 का कारण बनेगा।
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