@शब्द दूत ब्यूरो (23 नवंबर, 2021)
नौ नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य बना। उस समय उत्तराखंड में अंतरिम विधानसभा में 30 सदस्य थे। इनमें यूपी के समय चुने हुए 22 विधायक और आठ विधान परिषद सदस्य थे। 22 विधायकों में 17 भाजपा के, एक तिवारी कांग्रेस का, एक बसपा और तीन समाजवादी पार्टी का था।
14 फरवरी 2002 को उत्तराखंड राज्य का पहला विधानसभा चुनाव हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस ने 36 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा 19 सीटों पर सिमट गई। बसपा ने सात सीटें जीतीं, जबकि क्षेत्रीय दल यूकेडी भी चार सीटें जीतने में कामयाब रही। एनडी तिवारी मुख्यमंत्री बनें। इस चुनाव में अंतरिम सरकार में दो-दो मुख्यमंत्री देने, स्थायी राजधानी, भ्रष्टाचार और भूमि घोटाला मुख्य मुद्दे थे।
2007 के विधानसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। भाजपा 34 सीट लेकर सबसे बड़ा दल बनकर उभरी, जबकि कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई। बसपा ने अपनी एक सीट का इजाफा किया और वह आठ सीटों पर पहुंची। जनरल बीसी खंडूड़ी ने यूकेडी और निर्दलीय विधायक की मदद से सरकार बनाई।
भाजपा ने लालबत्ती को मुद्दा बनाया। कांग्रेस राज के 56 घोटाले भी चुनावी मुद्दा बना। दरोगा भत्री, पटवारी भर्ती जेट्रोफा घोटाला खूब गरमाए। स्थायी राजधानी को लेकर भी सियासी दल जनता के बीच गए। सरकार गठन के बाद खंडूड़ी ने राजधानी आयोग बनाया। 56 घोटालों की जांच को लेकर आयोग का गठन किया।
2012 के विधानसभा चुनाव में भी किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। भाजपा 31 सीटों पर सिमट गई तो कांग्रेस 32 सीटें लेकर सबसे बड़ा दल बनकर उभरी। उसे सरकार बनाने के लिए बसपा और निर्दलीय विधायकों का न सिर्फ सहयोग लेना पड़ा बल्कि उन्हें मंत्री बनाना पड़ा। शुरुआत विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बनें और उनके बाद सत्ता की बागडोर हरीश रावत ने संभाली।
इस चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा राज के जल विद्युत परियोजना, स्टर्डिया, कुंभ, ढैंचा बीज घोटाले का मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था। कांग्रेस ने भाजपा राज के 112 घोटालों के आरोप लगाए थे।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 57 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुई। कांग्रेस महज 11 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में हरीश रावत दो सीटों से चुनाव हारे। इस चुनाव में एनएच 74, टिहरी विस्थापितों की जमीन और छात्रवृत्ति घोटाले गरमाए। पीएम नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर ने कांग्रेस को बुरी तरह शिकस्त दे दी।
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