@शब्द दूत ब्यूरो (14 नवंबर 2021)
काशीपुर । राजनेता कोई भी हो भीतर से एक इंसान होते हैं। उनमें भावनायें होती हैं। समाज के शोषित और पीड़ित के प्रति उनका ह्रदय द्रवित होता है। आज काशीपुर में एक काव्य संग्रह बारिश की एक बूंद के विमोचन के अवसर पर आम आदमी पार्टी नेता दीपक बाली बमुश्किल अपनी आंखों से बहते आंसुओं के आवेग को रोकने की असफल कोशिश करते नजर आये।
दरअसल एसिड अटैक पीड़ित कु कविता बिष्ट विमोचन समारोह के दौरान वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित कर रही थीं। इस बीच कविता बिष्ट ने बारिश की एक बूंद के बारे में अपने विचार व्यक्त करने के दौरान काव्य संग्रह के रचियता से एक ऐसा अनुरोध किया कि वहाँ मौजूद हर कोई अपनी भावनाओं के आवेग को नहीं रोक पाया। एक सिरफिरे द्वारा तेजाब के हमले से अपनी दोनों आंखें और एक कान गंवा चुकी कविता बिष्ट ने कहा कि बारिश की एक बूंद के बाद तेजाब की एक बूंद पर भी कोई काव्य रचना चाहिए ताकि समाज को इस वीभत्स कांड करने वाले शैतानों की हकीकत पता चल सके।
जब कविता बिष्ट यह कह रही थी उस वक्त देवभूमि पर्वतीय महासभा के सभागार में मौजूद हर कोई सन्न रह गया। जबकि मंच पर मौजूद दीपक बाली अपनी भावनाओं का आवेग नहीं रोक पाये। पहलू बदलते हुए वह अपनी आंखों से बहते आंसुओं को रोकने का असफल प्रयास करते दिखाई दिये। दीपक बाली कविता बिष्ट के इन पीड़ाभरे कातर शब्दों से द्रवित हो उठे।
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