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जानिए क्या है गोल-गोल मिठास से भरी जलेबी का इतिहास, जलाबिया या जल वल्लिका

जलेबी मूल रूप से अरबी शब्द है और इस मिठाई का असली नाम है जलाबिया। भारतीय मूल पर जोर देने वाले लोग इसे ‘जल-वल्लिका’ कहते हैं। रस से परिपूर्ण और चाशनी में सराबोर होने की वजह से इसे यह नाम मिला और फिर इसका रूप जलेबी हो गया।

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (12 नवंबर, 2021)

जब भी बात जलेबी की आती है मुंह में पानी ही आ जाता है। सर्दियों का मौसम हो या गर्मी का गरमा-गरम जलेबी का मज़ा ही अलग होता है। भारतीय मूल की ये मिठाई न सिर्फ हमारे देश में बल्कि पूरे विश्व में भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाती है। जलेबी खासतौर पर उत्तर भारत, पाकिस्तान व मध्यपूर्व का एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका आकार घुमावदार होता है और स्वाद करारा मीठा होता है। इस मिठाई की धूम भारतीय उपमहाद्वीप से शुरू होकर पश्चिमी देश स्पेन तक जाती है।

जलेबी भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान के साथ तमाम अरब मुल्कों में भी खूब जानी-पहचानी है। आमतौर पर जलेबी सादी ही बनाई जाती है और चाशनी में डुबोई जाती है। इसकी ये खासियत इसे अन्य मिठाइयों से कुछ अलग बनाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जलेबी की शुरुआत कहां से हुई और इसका इतिहास क्या है।

जलेबी मूल रूप से अरबी शब्द है और इस मिठाई का असली नाम है जलाबिया। भारतीय मूल पर जोर देने वाले लोग इसे ‘जल-वल्लिका’ कहते हैं। रस से परिपूर्ण और चाशनी में सराबोर होने की वजह से इसे यह नाम मिला और फिर इसका रूप जलेबी हो गया। फारसी और अरबी में इसकी शक्ल और नाम बदल कर हो गई जलाबिया। उत्तर पश्चिमी भारत और पाकिस्तान में जहां इसे जलेबी कहा जाता है वहीं महाराष्ट्र में इसे जिलबी कहा जाता है और बंगाल में इसका उच्चारण जिलपी करते हैं।

प्राचीन काल से ही जलेबी स्वाद के मामले में इतनी लाजवाब मिठाई है कि 13वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन हसन अल-बगदादी ने उस समय के प्रसिद्ध व्यंजनों की एक क़िताब लिखी थी। इसका नाम था अल-तबीख। इसमें पहली बार ज़ौलबिया यानी कि जलेबी का ज़िक्र किया गया था। यह मध्यकाल में फ़ारसी और तुर्की व्यापारियों के साथ भारत आई और इसे हमारे देश में भी बनाया जाने लगा। फ़ारसी में इसे ज़ौलबिया कहते थे और भारत में आने के बाद इसे लोग जलेबी के नाम से बुलाने लगे। तो इस तरह फ़ारसी की ये प्रसिद्ध मिठाई कब भारतीय मिठाई बन गयी पता ही नहीं चला।

अपने रसीले स्वाद की वजह से जलेबी को भारत की राष्ट्रीय मिठाई घोषित किया गया है। कई शहरों या देशों में, जलेबी के कई नाम हैं जैसे कि जिलिपी, जिलापी, मुशबक, ज़ुल्बिया और भी बहुत कुछ। यह भारत की सबसे लोकप्रिय मिठाई है। यह मुख्य रूप से मिठाई के रूप में प्रचलित है। जलेबी को ठंडा और गर्म दोनों तरह से परोसा जा सकता है। इसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री हैं मैदा, घी और चीनी। इसे ज्यादातर रबड़ी और दही के साथ खाया जाता है और इसका स्वाद वास्तव में अपनी एक अलग पहचान रखता है।

आमतौर पर जलेबी सामान्य रूप से ही बनाई जाती है। लेकिन इसके कई अन्य प्रकार भी होते हैं। कभी जलेबी पनीर से बनी होती है, तो कभी खोया की बनी जलेबी स्वाद में रंग जमाती है। आमतौर पर जलेबी छोटी और घुमावदार बनती है लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में एक जगह ऐसी जलेबी मिलती है जो आकार में आम जलेबियों से बड़ी होती है। यही नहीं यहां मिलने वाली एक जलेबी का वजन 250 ग्राम से ज्यादा होता है और ये स्वाद में भरपूर भी होती है।

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