@शब्द दूत ब्यूरो (23 अक्टूबर, 2021)
प्रदेश की राजनीति के दो बड़े राजनीतिक ध्रुव माने जाने वाले हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बयानों में कभी तल्खी तो कभी नरमी चर्चा का विषय बनी है। हरक और हरीश के बीच छिड़ी जुबानी जंग में कभी कड़वाहट तो कभी मिठास देखकर हर कोई अचंभित है। उनका यह बयान सियासी तंज के तौर पर भी देखा जा रहा है। लेकिन बयान की नरमी ने दिग्गज हरीश रावत को भी नरम बना दिया। अपने बयानों से उन्होंने जो संकेत दिए अब जाहिर है कि सियासी हलकों में उसके भी निहितार्थ टटोले जाएंगे।
इधर, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के नतमस्तक वाले बयान का पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी बहुत सधे हुए अंदाज में जवाब दिया है। रावत ने कहा कि यदि किसी हृदय परिवर्तन होता है तो यह अच्छी बात है। यही वह लोग हैं, जिन्होंने आगे चलकर इस राज्य की बागड़ोर संभालनी है।
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच होने वाली जुबानी जंग किसी से छुपी नहीं है। वहीं, हरीश रावत पर जमकर निशाना साधने वाले हरक सिंह रावत अब उनके आगे नतमस्तक होने की बात कर रहे है। इस पर हरीश रावत ने नसीहत देने वाले अंदाज में सधा हुआ जवाब दिया है।
हरीश ने कहा यदि आप अपने लिए बड़ा सोचते हैं, राज्य की बागड़ोर तक संभालने की बात करते हैं तो इसके लिए आपमें नैतिक बल भी होना चाहिए। बकौल हरीश रावत, मैंने कभी नहीं कहा कि मुझसे माफी मांगों, बल्कि मैं कह रहा हूं कि राज्य की जनता से माफी मांग लो।
अगर उन्हें (हरक सिंह रावत) को आगे बढ़ना है तो इतना नैतिक बल तो दिखाना ही होगा। जनता के बीच में खुद को साबित करना होगा। मेरी किसी से व्यक्तिगत रंजिश नहीं है। मैं जब भी भविष्य के बारे में सोचता हूं तो देखता हूं आने वाले समय में कौन इस राज्य की बागडोर संभाल सकता है। हरीश रावत ने कहा कि राज्य की बागडोर जो भी संभाले, लेकिन उसमें नैतिक बल होना चाहिए।
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