@शब्द दूत ब्यूरो (23 अक्टूबर 2021)
हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद उत्तराखंड सरकार प्राथमिक भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं कर पाई है। हालांकि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर पर नियुक्ति के आदेश दिए थे। सूबे के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने भी भर्ती प्रक्रिया को 20 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए बयान भी जारी किये थे। लेकिन शिक्षा मंत्री के बयान और दावे सिर्फ हवाई साबित हुये। और यह तब है जब उच्च न्यायालय के आदेश हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सरकार वास्तव में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के प्रति कितनी गंभीर है।
बताते चलें कि 2020 मे प्राथमिक शिक्षक भर्ती आयी थी जो अभी तक लंबित है। आवेदनकर्ता अभ्यर्थियों ने इस भर्ती को शीघ्र पूर्ण करने को लेकर कई बार धरना ओर आंदोलन किये। हाल ही में डायट डीएलएड का धरने को शिक्षा मंत्री ने 20 दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र प्रदान करने का भरोसा दिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया था।
बताते हैं कि जिला शिक्षा अधिकारियों की उदासीनता के चलते इस मामले में सरकार के आश्वासन हवाई साबित हो रहे हैं। जिससे प्राथमिक शिक्षक भर्ती में आवेदन कर चुके 28 हज़ार से ज्यादा प्रशिक्षित परेशान ओर निराश हैं।
डायट डीएलएड अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका प्रतिनिधि मंडल लगातार अपनी नियुक्ति से सम्बंधित प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने के लिए अधिकारियों से मिलता है तो जिला शिक्षा अधिकारी ऊपर से आदेश न होने के कारण नियुक्ति न करने को कारण बताते हैं। बताया जाता है और शिक्षा निदेशालय के चक्कर लगाने पर अधिकारियों द्वारा उन्हें पहले अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह फिर 19 अक्टूबर ओर अब हर दिन कोई संतुष्ट जवाब ना देकर गोलमोल जवाब दिया जा रहा है या प्रतिनिमण्डल से मिलने का समय नही दिया जा रहा है।
डायट डीएलएड प्रशिक्षित बताते हैं कि अपने अपने जिला शिक्षा अधिकारियों से लगातार नियुक्ति प्रकिया जल्द पूर्ण करने को लेकर उनके कार्यालयों में जा रहा है। लेकिन वहां भी उन्हें निराशा ही प्राप्त हो रही है जिससे सभी प्रशिक्षित दिमागी तौर पर काफी परेशान हो चुके हैं। क्योंकि 4 साल से उन्हें ऐसे ही कितने मंत्रियों,विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट काट कर उन्हें सिर्फ आश्वासन ,और निराशा ही हाथ लगी है।
चुनाव सन्निकट हैं ऐसे में डायट प्रशिक्षित एक बार फिर पूरे राज्य में आंदोलन की तैयारी कर चुके हैं।
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