@शब्द दूत ब्यूरो (22 अक्टूबर 2021)
हरीश रावत मेरे बड़े भाई हैं। वह मुझे कुछ भी कहें गाली दें, चोर बोले। सब मेरे लिए आशीर्वाद के समान है। मैं उनके चरणों में नतमस्तक हूँ।
हरक सिंह के ये बोल सूबे की राजनीति में एक नये मोड़ की ओर संकेत देते नजर आ रहे हैं। एकाएक अपने धुर विरोधी हरीश रावत को लेकर हरक सिंह रावत के नरम होते सुर उत्तराखंड की राजनीति में एक नई कहानी लिखने जा रहे हैं। दोनों हाथ जोड़कर हरीश रावत से माफी मांग रहे हरक सिंह रावत का यह रूप चौंकाने वाला है।
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