@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (30 सितंबर, 2021)
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उस समय हर कोई स्तब्ध रहा गया, जब 2400 मीटर लंबी शेषनाग ट्रेन यहां से गुजरी। इस मालगाड़ी में 58-58 वैगन के तीन रैक जोड़कर चलाया गया। इस प्रकार इसमें कुल 174 डिब्बे थे। वहीं मालगाड़ी का वजन तकरीबन 20 हजार टन था। इस मालगाड़ी में मुरादाबाद से गार्ड की तैनाती की गई और फिर मंडल के सहारनपुर स्टेशन भेजा गया।
मालगाड़ी की लंबाई काफी ज्यादा होने के कारण रेलवे स्टेशन से गार्ड को बाइक पर बैठाकर गार्ड केबिन तक ले जाना पड़ा। मालगाड़ी का गार्ड केबिन स्टेशन से दो किमी दूर हनुमान मूर्ति के पास था। इस प्रक्रिया में 20 मिनट लग गए। इसके बाद ट्रेन यहां से सहारनपुर के लिए रवाना हुई। इस मालगाड़ी को लखनऊ मंडल के आलमबाग से मुरादाबाद मंडल के सहारनपुर के लिए चलाया गया।
गाड़ी को रास्ते में मुरादाबाद के अलावा कहीं नहीं रोका गया। इस विशेष मालगाड़ी में तीन इंजन लगे थे। समय, संसाधन और ट्रैफिक की बचत के उद्देश्य से रेलवे ने इस मालगाड़ी को चलाया है। आलमबाग से सहारनपुर तक मालगाड़ी खाली चलाई गई। इसके बाद इसे अंबाला मंडल को सौंप दिया गया। वहां से इसमें खाद्यान्न की लोडिंग होनी है।
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