@शब्द दूत ब्यूरो (24 सितंबर 2021)
चमोली । टीएचडीसी और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से आज हाट गांव के ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गांव के लोगों के साथ सैकड़ों लोगों ने टीएचडीसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और चुनौती दी कि हमें गोली मारो हम आतंकवादी हैं।
हाट गांव में बीते बुधवार को टीएचडीसी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीम जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची और गांव के 16 मकानों को ध्वस्त कर दिया। दरअसल विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना के लिए इस गांव के लोगों को विस्थापित किया जाना है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अनुमन्य राशि भुगतान के बिना भवनों को तोड़ने और वर्ष 2009 में हुए समझौते के अनुरुप कार्रवाई नहीं की गई। 
आज प्रभावित परिवारों के साथ सैकड़ों लोग सियासैंण में परियोजना के कार्यालय पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए अपन आआक्रोश व्यक्त किया। कपंनी और जिला प्रशासन को ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन अक्टूबर तक उनकी बीस सूत्री मांग नहीं मानी गई तो परियोजना का कार्य रोक दिया जायेगा वहीं ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने 4 अक्टूबर को आत्मदाह कर लेने की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा गया कि पूर्व में प्रशासन के साथ हुई बैठकों में तीन अक्टूबर तक का समय तय किया गया था। लेकिन तय तिथि से पहले ही मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बिना किसी सूचना के की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लोगों को सामान बाहर निकालने का मौका भी नहीं मिला। कई घरों से नगदी जेवर व अन्य महत्वपूर्ण सामान गायब है। महिलाओं से टीएचडीसी के अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया गया। ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने कहा कि गांव में मकानों को गिराकर टीएचडीसी व जिला प्रशासन ने वादाखिलाफी की है।
प्रदर्शन करने वालों में ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, शेखर पंत, इंद्रप्रकाश, सचिन कुमार, भगत लाल, अनुज पंत पवन सती, मनोज रावत, नर्मदा देवी, कुसुम देवी पुष्पा देवी कुलदीप कुमार, मुकेश गैरोला आदि उपस्थित थे।
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