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अनोखा फैसला :माखन चोरी बाल लीला, मिठाई चोरी अपराध कैसे? जज ने किया किशोर को रिहा

@शब्द दूत ब्यूरो (24 सितंबर 2021)

हमारी संस्कृति में माखन की चोरी बाल लीला कहलाती है तो मिठाई की चोरी अपराध कैसे हुई? यह सवाल एक जज ने तब पूछा जब ननिहाल आये एक 15 वर्षीय बच्चे का मामला कोर्ट में आया। 

मामला कुछ यूँ है बिहार के भोजपुर जिले के आरा का रहने वाला 15 वर्षीय किशोर अपनी ननिहाल आरा के हरनौत विकास खण्ड में आया हुआ था। घटना के समय वह काफी भूखा था। पड़ोस की मामी के घर चला गया और वहां भूख मिटाने के लिए फ्रिज में रखी मिठाई खा ली। बालपन के कारण फ्रीज पर रखा मोबाइल लेकर गेम खेलने लगा। इस बीच उसकी मामी ने उसे मिठाई चुराकर खाते हुए पकड लिया। उसने मामले की रिपोर्ट हरनौत के चेरो थाने में  दर्ज करा दी। 

इस मामले की सुनवाई किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र कर रहे थे। लेकिन जब उन्होंने किशोर की दर्द भरी दास्तां सुनी तो उन्होंने  न सिर्फ रिहाई दी, बल्कि आरा की जिला बाल संरक्षण इकाई को बच्चे का उचित मूल्यांकन करते हुए देखभाल योजना से लाभ दिलाकर अपराध से रोकने का निर्देश दिया है। महज 15 दिनों में इस मामले की सुनवाई पूरी की गयी।

मिठाई चोरी पर जज ने कहा- माखन चोरी बाल लीला तो मिठाई चोरी अपराध कैसे है। मामले की एफआईआर करने वाले हरनौत प्रखंड के चेरो थानाध्यक्ष को चेताते हुए जज ने कहा कि छोटे-मोटे अपराध में किशोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से बचें। उसे समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने केस दर्ज कराने वाली महिला को भी बच्चों के प्रति सहिष्णु व सहनशील बनने की नसीहत दी।

जज ने रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला से कहा कि अगर उसका अपना बेटा मिठाई, मोबाइल या पैसे चुराता तो क्या वह उसे पुलिस को सौंप देती या उसे समझाती।  मामले की सुनवाई के दौरान जज ने किशोर से पूरे मामले की पूछताछ की।  डरा एवं सहमा किशोर फफक-फफक कर रोने लगा। रोते हुए उसने अपने परिवार की स्थिति बयां की। किशोर के अधिवक्ता कंचन कुमार के मुताबिक किशोर के पिता रोग ग्रस्त हैं। वहीं मां मानसिक रूप से विक्षिप्त है। परिवार में आमदनी का कोई साधन नहीं है। 

जज मिश्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान श्री कृष्ण को दूसरों के घर से माखन चुराने एवं हांडी फोड़ने की बातें कही गई हैं। इसे हमारी संस्कृति ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला बताया। वहीं आज किशोर द्वारा भूख के कारण मिठाई चुराने को अपराध माना। यह कैसे हो सकता है। हालांकि, सरकारी अभियोजन पदाधिकारी ने भी बच्चे को सुधार के लिए एक अवसर दिए जाने का समर्थन किया। इस फैसले पर किशोर न्याय परिषद की सदस्य उषा कुमारी ने भी सहमति दी।

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