Breaking News

माही की जान बचाने को चाहिए 2.5 करोड़ का टीका, दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्ची ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (21 अगस्त, 2021)

दिल्ली  की 7 साल की माही एक दुर्लभ बीमारी की चपेट में आ गई है। यह बीमारी लाखों-करोड़ो बच्चों में बहुत कम बच्चों को होती है। इस बीमारी के इलाज के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का खर्च आएगा। माही के पिता दिल्ली पुलिस में एमटीएस स्टाफ यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं जो पिछले 15 साल से दिल्ली पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं। माही के पिता ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलकर मदद मांगी है। साथ ही माही ने एक वीडियो के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री से भी मदद की गुहार लगाई है।

माही के पिता सुशील कुमार के मुताबिक, उनकी बेटी माही दूसरी कक्षा की छात्रा है और दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ती है। उसे एक बहुत ही खतरनाक बीमारी ने अपनी चपेट में ले रखा है। बीमारी का नाम हैः A (MPS)IV A  ENZYME डिसऑर्डर।

इस बीमारी में मरीज के शरीर की हड्डियों का विकास बंद हो जाता है और शरीर की ग्रोथ भी धीरे-धीरे कम होने लगती है और फिर हड्डी गलने से जान जाने का खतरा मंडराने लगता है। माही के पिता के मुताबिक इस बीमारी में उम्र बढ़ने और मर्ज बढ़ने के साथ मरीज दिव्यांग भी हो सकता है।

सुशील अपनी दो बेटियों और पत्नी के साथ दिल्ली के सरस्वती विहार पुलिस कालोनी में रहते है। उनकी तनख्वाह महज 27 हजार रुपये है। माही के इलाज के लिए अब तक 10 लाख रुपए का निजी लोन ले चुके हैं, एक लाख रुपये का पुलिस लोन और बाकी महकमे से जो मदद बन पाई वो भी खर्च कर चुके हैं।

एम्स के मुताबिक माही के इलाज में करीब 2 करोड़ 43 लाख रुपये का खर्चा आएगा। माही के इलाज के लिए जो दवा चाहिए वह ब्राजील, अमेरिका आस्ट्रेलिया और चीन में मिलती है। पिता के मुताबिक एम्स की सीनियर डॉक्टर मधुलिका खाबरा माही का बेहतर इलाज कर सकती हैं। अगर जरूरत की ये दवाएं विदेश से माही के लिए भारत आ सकें। बता दें कि एम्स ऐसी ही एक बीमारी के मरीज का इलाज कर रहा है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-