सनसनीखेज़ : चुनाव आयोग की बेबसाइट हैक,10 हजार वोटर आईडी कार्ड बनाये ,आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (13 अगस्त 2021)

दो साल पहले भारत के निर्वाचन आयोग ने एक दावा किया था कि उसकी बेबसाइट कोई हैकर हैक नहीं कर सकता। लेकिन सहारनपुर के एक युवक ने न सिर्फ साइट हैक की 10 हजार से अधिक वोटर आई डी कार्ड तक बना डाले। निर्वाचन आयोग की बेबसाइट हैक होने के इस मामले से देश में हड़कंप मच गया है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है उसके बैंक खाते से साठ लाख रुपये का लेन देन भी मिला हैं। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति के कहने पर यह खेल चल रहा था। 

जानकारी के अनुसार दिल्ली से मिली एक खुफिया सूचना पर सहारनपुर में साइबर सेल ने एक युवक विपुल सैनी को दबोचा है। नामक युवक को गिरफ्तार किया है। हैकर ने बीसीए किया है। इसके खाते से 60 लाख रुपए का ट्रांजक्शन मिला है। 

साइबर सेल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के अरमान मलिक नामक व्यक्ति के कहने पर उसके साथ मिलकर विपुल सैनी ने भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को हैक किया और उसके कहने पर वोटर आइडी कार्ड बनाए। सनसनीखेज बात तो यह है कि पिछले तीन महीने से वह इस काम में लगा हुआ था। जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि अब तक दस हजार वोटर आई डी कार्ड वह बना चुका है।

शुरूआती पूछताछ में विपुल ने बताया कि उसे एक कार्ड बनाने के सौ से दो सौ रूपए मिलते थे। अरमान दिन में उसे कार्ड बनाने का टास्क भेजता था जिसे वह पूरा कर रात में भेज देता था।  काम के आधार पर उसके बैंक खाते में पैसा आता था हालांकि, पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया कि राशि कहां से ट्रांसफर होती थी। विपुल के खाते में 60 लाख आए हैं।

विपुल से दिल्ली की एजेंसी अब आगे पूछताछ करेगी। इस मामले में आतंकी कनेक्शन की दृष्टि से भी जांच करेगी। विपुल को बी वारंट पर ले जाया जायेगा।। मामला इतना संगीन है कि रात में ही बैंक खुलवा कर विपुल के खाते की जांच की गई जिसमें साठ लाख का ट्रांजेक्शन मिला। 

हालांकि फिलहाल इस मामले में किसी राजनीतिक दल का कनेक्शन नहीं मिला है। दरअसल 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के मद्देनजर भी पुलिस जांच कर रही है कि किसी नेता के इशारे पर तो यह गोरखधंधा नहीं हो रहा था। जिनके वोटर आईडी कार्ड मिले हैं उनकी भी जांच हो रही है कि वह किस राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। 

विपुल के पिता किसान हैं। इसने गंगोह स्थित शोभित यूनिवर्सिटी से बीसीए किया है। बीसीए की पढ़ाई के दौरान ही विपुल साथियों के इंटरनेट से जुड़े मुद्दों को सॉल्व कर देता था। क्लास में उसे सहपाठी इंटरनेट का बादशाह कहते थे।

सहारनपुर पुलिस को विपुल के बारे में दिल्ली की एक बड़ी एजेंसी से इनपुट मिला था। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने विपुल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके घर से दो कम्प्यूटर भी जब्त किए हैं। उनकी हार्ड ड्राइव को रीड करके अब सारा डाटा खंगालने की तैयारी जा रही है। विपुल के तार आतंकी गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं। विपुल ने कुछ निजी कंपनियों का डाटा भी चुराया हुआ है।

 

 

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