@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (15 जुलाई, 2021)
उत्तरी अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बाद तालिबान ने एक स्थानीय इमाम को खत के जरिए अपना पहला आदेश भेजा है। कलाफगन जिले के निवासी 25 वर्षीय सेफतुल्ला ने बताया कि इसमें कहा गया है कि महिलाएं अब पुरुष को साथ लिए बिना बाजार नहीं जा सकती और पुरुषों को अपनी दाढ़ी रखनी होगी। उन्होंने सिगरेट और बीड़ी पीने वालों पर भी पाबंदी लगा दी है और चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी उनके आदेश का पालन नहीं किया तो कड़ी सजा दी जाएगी।
अमेरिका और नाटो सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान तेजी से आगे बढ़ रहा है। वे जिलों और राज्य की प्रमुख सीमाओं पर कब्जा कर रहे हैं। प्रांतीय राजधानी की घेराबंदी कर रहे हैं. कुछ क्षेत्रों में वे फिर इस्लामी शासन की कठोर व्यवस्था को लागू कर रहे हैं, जो कि 11 सितंबर के हमले के बाद अमेरिकी नेतृत्व ने उखाड़ फेंकी थी।
पिछले महीने तालिबान ने उत्तरी सीमा पर स्थित चौकी शिर खान बंदर पर कब्जा कर लिया था. यह चौकी पंज नदी पर अफगानिस्तान को तजाकिस्तान से जोड़ने वाले पुल पर बनी है। यहीं की एक लोकल फैक्ट्री में काम करने वाली सजदा ने बताया कि तालिबान ने शिर खान बंदर पर कब्जा करने के बाद महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है।
इस सप्ताह सोशल मीडिया पर कथित रूप से आए तालिबान के आदेश के मुताबिक – ग्रामीणों को अपनी बेटियों और विधवाओं की शादी तालिबानी सैनिकों से करवाने के आदेश दिए गए हैं। तालिबान कल्चर कमीशन के नाम से जारी एक खत में कहा गया है कि कब्जे वाले इलाकों के सभी इमाम और मुल्ला तालिबान को 15 से अधिक उम्र की लड़कियों और 45 साल से कम उम्र की विधवाओं की सूची तालिबानी लड़कों को मुहैया करवाएं।
हालांकि तालीबानी सत्ता का पहला कार्यकाल कड़वे अनुभवों के साथ है। इस बार वह नरम छवि पेश करना चाहता है। इसलिए इस तरह के किसी भी बयान को जारी करने से इंकार किया है। उधर, इस समूह के प्रवक्ता ने जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि ये दावे निराधार हैं।
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