
भीमताल के लोगों ने आज एक अजीब नजारा देखा। झील के ऊपर एकाएक वायुसेना का हेलीकॉप्टर मिग – 17 उड़ता हुआ नजर आया। सभी लोग उत्सुकता से इस नजारे को देखने लगे। इसी बीच ठीक झील के ऊपर उड़ रहे हेलिकॉप्टर से एक रस्सी के सहारे विशाल बकेट लटकती हुई दिखाई दी और बकेट झील में समा गई। चंद पलों बाद बकेट पानी से भरकर वापस नजर आने लगी और धीरे-धीरे हेलिकॉप्टर वहां से पानी लेकर उड़ गया। 
दरअसल ये एक मॉक ड्रिल था। उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर यह मॉक ड्रिल किया गया था। ताकि आग लगने की स्थिति में जंगलों में इससे पानी छिड़काव कर आग बुझाई जा सके। वैसे जो आग लगनी थी वह लग चुकी और कई हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। जिससे करोड़ों रुपये की वन संपदा अब तक जलकर राख हो चुकी है। इसके बाद मॉक ड्रिल का कोई औचित्य नहीं है। भीमताल और आसपास के नागरिकों का कहना है कि मॉक ड्रिल होना और वास्तविक रूप से काम करने में अंतर है। 
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