@विनोद भगत
काशीपुर । महापौर श्रीमती ऊषा चौधरी ने आज आप नेता दीपक बाली के लगाये आरोपों का पत्रकारों के समक्ष जबाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहीं भी दीपक बाली को आप नेता कहकर संबोधित नहीं किया। मेयर इन आरोपों से इतनी आहत और नाराज थी कि उन्होंने दीपक बाली को पूर्व स्टोन क्रेशर स्वामी व पूर्व खनन व्यापारी कहकर संबोधित किया।
मेयर ने कहा कि उन्हें दीपक बाली द्वारा लगाये गये आरोपों पर कोई सफाई देने या उनसे चारित्रिक प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। लेकिन काशीपुर की जनता जिसने मुझे तीन बार दायित्व सौंपा है उस जनता के सयक्ष मेरे लिए अपना पक्ष रखने की आवश्यकता है।
महापौर ने आप नेता दीपक बाली द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उन्हें इस बात की चुनौती दी है कि वह उनके विरुद्ध किसी भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करायें।
बता दें कि बीते रोज आप नेता दीपक बाली ने ट्रंचिंग ग्राऊंड को लेकर मेयर ऊषा चौधरी पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने आप नेता दीपक बाली पर तंज कसते हुये कहा कि श्रीमान दीपक बाली पूर्व में खनन और स्टोन क्रेशर के व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। अब वह राजनेता बनने का ख्वाब देख रहे हैं। मेयर ने दीपक बाली के सभी आरोपों को खारिज करते हुए व्यंग्य किया कि मुझसे गलती हो गई मुझे नगर निगम का प्रशासन चलान कके लिए उनसे निर्देश लेने चाहिए थे।
मेयर ने कहा कि विगत एक वर्ष से उनके ऊपर कीचड़ उछाला जा रहा है। आरोपों पर मेयर श्रीमती ऊषा चौधरी ने कहा कि महादेव नगर में ट्रंचिंग ग्राऊंड बनाने का कोई भी प्रस्ताव कभी भी नगर निगम की बैठक में पास नहीं किया गया है। लेकिन लखविंदर सिंह के पत्र पर जिसमें उन्होंने अपनी भूमि पर निगम का कूड़ा तीन वर्षों के लिए डम्प किये जाने की मांग की थी। ये विषय महत्वपूर्ण एवं नीतिगत था इसलिए इस विषय को मूल एजेंडे का भाग बनाते हुए बोर्ड में लाया गया था।
मेयर ने कहा कि बोर्ड की बैठक में 40 में से दो पार्षद अनुपस्थित थे। वहीं भू स्वामी द्वारा नगर निगम को अपनी भूमि या उसका कोई भाग नहीं दिया जा रहा था अलबत्ता कुछ समय के लिए अपनी भूमि कूड़ा निस्तारण के लिए दी जाने की बात थी इससे निगम को कोई आर्थिक नुकसान नहीं था।
भूमि से खनन के मामले को लेकर लगाये गये आरोपों पर मेयर ने कहा कि यह मामला निगम से सबंधित नहीं है इसका जबाब खनन के लिए अधिकृत विभाग व अधिकारी ही दे सकते हैं।
प्रेस वार्ता में उन्होंने आप नेता दीपक बाली द्वारा मानहानि का मुकदमा पंजीकृत कराने की चुनौती पर मेयर ने कहा कि वह इस बारे में वैधानिक परामर्श कर उनकी यह इच्छा भी पूर्ण करने का प्रयास करेंगी। मेयर ने अपनी मौसी सास व कांग्रेस नेत्री मुक्ता सिंह को भी चुनौती दी कि वह घोटाले भ्रष्टाचार की जांच नहीं अपितु मेरे विरूद्ध काशीपुर या किसी अन्य थाने में अभियोग पंजीकृत करा दें।
मेयर श्रीमती ऊषा चौधरी आज खासे गुस्से में थीं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी ओर से उन्हें सच साबित करने की चुनौती दी।:



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