@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन को पुलित्जर पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने अशांत शिंजियांग प्रांत में लाखों मुसलमानों को हिरासत में रखने के लक्ष्य से चीन द्वारा गोपनीय तरीके से बनाए गए जेल और अन्य भवनों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की थी। इंटरनेशनल रिपोर्टिंग कैटेगरी में शिंजियांग प्रांत की सीरीज के लिए राजगोपालन को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। ‘बजफीड न्यूज’ की राजगोपालन समेत दो अन्य पत्रकारों को खोजी पत्रकारिता के लिए पुलित्जर पुरस्कार दिया गया है। यह पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला अमेरिका का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार है।
साल 2017 में चीन ने शिंजियांग प्रांत में लाखों मुस्लिमों को हिरासत में लिया था, तब राजगोपालन पहली थीं जिन्होंने इंटरनेशनल कैंप का दौरा किया था। उस समय चीन ने ऐसी कोई जगह होने से इंकार किया था। ‘बजफीड न्यूज’ ने पुलित्जर पुरस्कार के लिए एंट्री पर लिखा था, ‘इस खबर के जवाब में, चीनी सरकार ने उसे चुप कराने की कोशिश की, उसका वीजा रद्द कर दिया और उसे देश से निकाल दिया।’

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