काशीपुर । सहोता अस्पताल के भीतर मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें अस्पताल पर मरीज के परिजनों को पीटने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके विपरीत अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनके अस्पताल में भर्ती दो मरीजों के तीमारदारों के बीच हुये झगड़े को अस्पताल द्वारा मारपीट करना बताया जा रहा है। हालांकि मामले में अस्पताल प्रबंधन के विरूद्ध पुलिस में तहरीर दी गई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी मामले में मरीज के परिजनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।

बीते रोज जसपुर बस स्टैंड के नजदीक स्थित सहोता अस्पताल में हुई मारपीट का किसी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। मामले में टांडा उज्जैन निवासी राहुल पुत्र रंजीत सिंह ने कहा है कि उसके मामा की पुत्री का उपचार सहोता अस्पताल में चल रहा है। वह अपनी मोटरसाइकिल लेकर गया था और अस्पताल के गेट पर खड़ कर दी। इस बीच उसकी मोटरसाइकल वहां से गायब हो गई। गार्ड से मोटरसाइकिल के बारे में पूछा और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने को कहा ताकि पुलिस में रिपोर्ट लिखा सकें। लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी मोटरसाइकिल वापस उसी स्थान पर खड़ी मिल गई।
जब गार्ड और वहाँ मौजूद लोगों से पूछा कि अब मोटरसाइकिल कैसे आ गई। सीसीटीवी फुटेज दिखायें ताकि आरोपी का पता लग जाये लेकिन वहाँ मौजूद गार्ड और उसके साथियों ने उन पर हमला कर दिया। जिससे राहुल व उसके साथी घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जगजीत सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी मानपुर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उधर अस्पताल के डा रवि सहोता ने बताया कि अस्पताल कर्मियों पर मारपीट का आरोप गलत है। मोटरसाइकिल चोरी का उनका आपस का मामला था जिसमें दोनों पक्ष आपस में उलझ गए और मारपीट करने लगे। अस्पताल परिसर के अंदर दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती देख वहाँ मौजूद स्टाफ के लोगों ने बीच बचाव का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दो पक्षों की आपसी मारपीट में उनके अस्पताल का नाम बेवजह घसीटा जा रहा है।
बहरहाल दोनों पक्षों के अपने अपने दावे हैं। सच्चाई का पता जांच के बाद ही लग पायेगा। 

Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal