काशीपुर। हमारी लड़ाई योग या आयुर्वेद से नहीं है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद शर्मा का कहना है कि उनकी लड़ाई उस योग गुरु बाबा रामदेव सेे भी नहीं है जिन्होंने योग को दुनिया भर में पहुुंचाया।
मुरादाबाद रोड स्थित अस्पताल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि एतराज उन योगगुरु से है जो अपने उत्पादों के लिये दूसरी चिकित्सा पद्धति पर सवाल उठा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोनाकाल में देशभर में एक हजार के करीब डॉक्टरों ने बलिदान दिया है, लेकिन योगगुरु का बयान इन चिकित्सकों के लिये भी अपमानजनक है।
उन्होंने कहा कि आईएमए बाबा से इस विषय पर बहस के लिये तैयार है। इसके लिए आईएमए ने तैयारी भी कर ली है। हालांकि, यह भी कहा है कि डॉक्टरों की योग या आयुर्वेद से कोई लड़ाई नहीं है।
आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि आयुर्वेद और एलोपैथी एक ही मंजिल तक पहुंचने वाले दो मार्ग हैं। इसलिये एक दूूसरे को नीचा दिखाना और अपमान करना किसी भी दृृष्टि से उचित नहीं है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि आईएमए योगगुरु के हर सवाल का जवाब देने और उनसे इस विवाद को लेकर किसी भी बहस के लिये तैयार है। इसके लिये आईएमए ने डॉक्टरों की कमेटी बना ली है। उन्होंने कहा कि योगगुरु से भी बहस की तैयारियां करने की अपील की है।
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ.एके सिरोही, प्रदेश सचिव डॉ.अजय खन्ना, डॉ.जेएस नरुला, डा.आलोक सेनवाल, डा.डीसी पंत, डा.संजय उप्रेती, डा.नक्षत्र अग्रवाल, डा.शशि उप्रेती, डा.रूपा हंसपाल आदि मौजूद रहे।


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