@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
योग गुरु रामदेव के एलोपैथी को लेकर दिए गए विवादित बयान और वैज्ञानिक चिकित्सा प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की उत्तराखंड इकाई ने उन्हें सार्वजनिक मंच पर मीडिया के सामने खुली बहस की चुनौती दी थी।
आईएमए उत्तराखंड के सचिव डॉ. अजय खन्ना ने एक बयान में योग गुरु रामदेव के बयान को गैरजिम्मेदाराना और स्वार्थपूर्ण ठहराया है। आईएमए की कई और शाखाओं ने भी रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा है। रामदेव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने एलोपैथी को बेवकूफी भरा बताया था।
खन्ना ने रामदेव को संबोधित पत्र में कहा, आईएमए उत्तराखंड आपको सूचित करता है कि आप पतंजलि योगपीठ के पंजीकृत आयुर्वेदाचार्यों की एक टीम गठित करें, जो आईएमए के डॉक्टरों के साथ आमने-सामने बहस करें। आईएमए उत्तराखंड ने एक ऐसी टीम पहले ही गठित कर ली है। इस संवाद का इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारण किया जाएगा।
पत्र में यह भी कहा गया है कि रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण भी इन आयुर्वेदाचार्यों की टीम में शामिल हो सकते हैं, लेकिन वे सिर्फ दर्शक की तरह होंगे, क्योंकि वे आईएमए की ओर से तय योग्यता के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।
आईएमए उत्तराखंड ने कहा, इस स्वस्थ परिचर्चा का समय और तिथि तय करने की जिम्मेदारी आप पर है। लेकिन उसकी जगह हम तय करेंगे। एसोसिएशन ने कहा, यह प्रस्ताव आपके ध्यानार्थ इसलिए हैं कि जल्द से जल्द गतिरोध दूर हो और आपके द्वारा पैदा किया गया भ्रम खत्म हो सके। इससे एलोपैथी और आयुर्वेद के बीच एक सौहार्द्र का माहौल भी दोबारा बहाल किया जा सकेगा। आपके हालिया गैर जिम्मेदाराना बयानों और स्वार्थपूर्ण व्यवहार के कारण इसमें अड़चन पैदा हो गई थी।


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