काशीपुर। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष व एक अन्य ज्वैलर के विरूद्ध दर्ज मुकदमे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बता दें कि पिछले वर्ष एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग पुत्री भगाने के आरोप में एक युवक के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी पुत्री घर से काफी जेवरात भी लेकर गयी थी जो उसने ज्वैलर्स को बेच दिये थे। मामले में आईटीआई थाना पुलिस ने जांच की थी। जिसमें पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष के मालिक दीपक वर्मा व के मनमोहन कापड़ी निवासी वैशाली कालोनी के खिलाफ जेवर खरीदने का आरोप लगा था। जांच के बाद पुलिस ने दोनों ज्वैलर्स के विरुद्ध धारा-384, 120बी आईपीसी का मामला दर्ज किया। नाबालिग लड़की होने के कारण यह मामला पॉक्सो कोर्ट में चला जहां दोनों ज्वैलर्स को न्यायालय में तलब किया गया।
दीपक वर्मा व मनमोहन कापड़ी की ओर से उनके अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। जहाँ उनके अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने अपने मुवक्किलों की ओर से कहा कि सोना कहाँ से आया इस बारे में सुनार नहीं जानते और दोनों ने सोने की खरीद से पहले आई डी व कागजात देखे उसके बाद ही सोना खरीदा। प्रमाण के रूप में सोना खरीद के पर्चे भी उन्होंने कोर्ट में पेश किये।
मामले में अधिवक्ता के तर्क सुनने के बाद न्यायमूर्ति एनएस धनिक ने पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा व मनमोहन कापड़ी के खिलाफ जारी न्यायालय कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।

Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal