@शब्द दूत ब्यूरो
सामान्य तौर पर जब भी कहीं शादी होती है, लड़का बारात लेकर लड़की के घर पहुंचता है। लेकिन, उत्तराखंड में कोरोना काल में एक अनोखी शादी देखने को मिली। जहां, दूल्हा नहीं बल्कि दुल्हन बारात लेकर लड़के के घर पहुंची थी। मामला चम्पावत के स्वाला गांव का है। गांव में कोरोना के मामले सामने आने के बाद गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया। जिसके चलते गांव में होने वाली एक शादी में अड़चन आ गई।
दरअसल, स्वाला गांव के रहने वाले डुंगर देव के बेटे प्रकाश भट्ट की 12 मई को पुनाबे के रहने वाले रमेश बिनवाल की बेटी प्रियंका से होनी थी। लेकिन, गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के बाद प्रकाश भट्ट की बारात नहीं जा सकती थी। ऐसे में होने वाले दूल्हा-दुल्हन के परिजन इस बात को लेकर परेशान हो गए। परिजन शादी टालना नहीं चाहते थे, जिसके बाद तय हुआ कि अब लड़का नहीं बल्कि लड़की बारात लेकर शादी के लिए जाएगी।
स्वाला गांव में एक साथ 47 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए तो हर तरफ हड़कंप मच गया। गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने प्रशासन से विमर्श किया। जिसके बाद प्रशासन ने परिजनों को कोविड गाइडलाइन का पालन की शर्त के साथ शादी की अनुमति दे दी। प्रशासन और परिजनों द्वारा तय किया गया कि बारात लड़का नहीं बल्की लड़की लेकर जाएगी। यानी कन्या पक्ष वाले स्वाला बारात लेकर जाएंगे, वह भी सिर्फ चार लोगों के साथ।
दुल्हन प्रियंका के साथ परिजन स्वाला गांव पहुंचे। जहां सिर्फ परिजनों की मौजूदगी में ही विवाह की रस्में पूरी की गईं। इस शादी में दुल्हन प्रियंका की तरफ से उसके पिता रमेश बिनवाल, मां भावना देवी और पुरोहित रघुवर दत्त स्वाला गांव गए। शादी के बाद प्रियंका अपने ससुराल में रही और उसके माता-पिता और पुरोहित गांव पुनाबे लौट आए और प्रशासन के आदेश के मुताबिक होम आइसोलेशन में हैं।

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