Breaking News

पूछता है काशीपुर :जब समाजसेवी संस्थायें कोविड केयर सेंटर के लिए तैयार तो फिर व्यवसायिक होटलों पर खर्च क्यों?

काशीपुर ।  सामाजिक कार्यकर्ता अरूण अरोरा ने कुछ गंभीर मुद्दे उठाये हैं। उन्होंने नगर निगम, जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाये हैं।

अरूण अरोरा ने पूछा है कि कोरोना कर्फ्यू तो लग रहा है लेकिन निगम द्वारा शहर को सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। आखिर क्यों ?और न नगर निगम द्वारा शहर में फागिंग कराई जा रही है जिससे मच्छरों का साम्राज्य कायम है। कुल मिलाकर चुने हुए जनप्रतिनिधि कहीं भी अपनी कसौटी पर खरे उतरते नजर नहीं आ रहे हैं। इसके विपरीत समाजसेवी लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने समाजसेवियों और काशीपुर के उन सुपर हीरोज का आभार प्रकट करते हुए व्यंग कसा कि जनप्रतिनिधि विहीन इस काशीपुर को बचाने के लिए हर संभव संघर्ष कर रहे हैं।  

अरुण अरोरा बब्बी ने कहा है कि सरकार द्वारा कोरोना काल में जनता के पैसे की खुलकर बर्बादी की जा रही है । जब नगर क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं के भवन हैं तो फिर होटल किराए पर लेने की क्या आवश्यकता थी? जो पैसा इन होटलों पर खर्च होगा वह कोरोना से पीड़ित जनता पर खर्च किया जा सकता था । 

उन्होंने कहा कि नगर के दो व्यवसायिक होटलों को कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं। जो नागरिकों के लिए निशुल्क होंगे और इन होटलों में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी। ऐसे में प्रश्न उठता है कि शासन प्रशासन को जब अलग-अलग धार्मिक संस्थाओं एवं औद्योगिक संस्थाओं द्वारा अपने इंफ्रास्ट्रक्चर सहित हर संभव मदद का प्रस्ताव
था। तो फिर सरकार को होटलो को किराए पर लेने की आवश्यकता आखिर क्यों हुई? यह जनता के पैसे की बर्बादी है ।
गुरुद्वारा ननकाना साहिब काशीपुर के पास सराय और हॉल की पूरी व्यवस्था है। राधा स्वामी सत्संग ब्यास संस्था का काशीपुर आश्रम जसपुर रोड पर स्थित है। जिसका क्षेत्रफल लगभग 5 एकड़ है एवं एक काफी बड़ा टीन शेड मूलभूत सुविधाओं के साथ पहलेसे ही वहां पर मौजूद है। 
(पिछले लॉकडाउन के दौरान रुद्रपुर आश्रम कुमाऊं का प्रमुख कोरोना केयर सेंटर बना हुआ था,) 
दिल्ली आश्रम आज भी भारत के सबसे बड़े कोरोना केयर सेंटरो मैं से एक है। जब दूसरे शहरों में ऐसा हो सकता है तो फिर काशीपुर में क्यों नहीं? काशीपुर के निरंकारी आश्रम पटेल नगर को भी जोशहर के बीचो बीच व्यवस्थित सत्संग स्थल है प्रयोग में लाया जा सकता था।

इसके अलावा भी स्टेडियम, आईआईएम , आदि और भी विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद थे मगर प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस और जानने या सलाह देने की कोई जरूरत नहीं समझी।

सरकार इन व्यवसायिक होटलों पर धन खर्च करने की बजाए प्रशासन को सुशासन का ऐसा मॉडल तैयार करना चाहिए जिसमें कम खर्च में अधिक अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया जा सके

प्रश्न काशीपुर के जनप्रतिनिधियों से भी है कि जब मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को विधायक निधि से एक करोड़ रुपए क्षेत्र मे कोविड महामारी की रोकथाम पर खर्च करने का आदेश दिया है तो फिर काशीपुर के जनप्रतिनिधियों द्वारा धरातल पर क्या किया गया ?इसका उन्हें जवाब देना चाहिए क्योंकि उनके द्वारा किया जा रहा कोई भी खर्च नजर ही नहीं आ रहा है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

काशीपुर :राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय दभौरा मुस्तकम में करियर मार्गदर्शन एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को दिए गए भविष्य निर्माण के टिप्स

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (28 मार्च 2026) काशीपुर। राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-