काशीपुर। कोविड मरीजों के इलाज के लिए नगर में दस निजी अस्पतालों को अनुमति दी गई है। प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि कुछ अस्पतालों में मरीजों को परेशान किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर आज स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के साथ कोविड अस्पतालों का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान एक निजी अस्पताल में अनियमिततायें पाई गईं। मुरादाबाद रोड स्थित इस अस्पताल के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
सरकारी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर मरीजों से मनमाने ढंग से पैसे वसूलने तथा बेड होने के बावजूद रोगियों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं।
जनता को हो रही इन दिक्कतों को लेकर कई पीड़ितों के परिजन बीते कई दिनों से डीजीपी, सीएम पोर्टल, जिलाधिकारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट से शिकायत कर रहे थे। शिकायत पर आज कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.अमरजीत साहनी, सीओ अक्षय प्रहलाद कुंडे, कोतवाली प्रभारी संजय पाठक, कुंडा थाना प्रभारी अरविंद चौधरी, आईटीआई थाना प्रभारी विद्या दत्त जोशी, कटोराताल चौकी प्रभारी ओमप्रकाश, बांसफोड़ान चौकी प्रभारी रविंद्र बिष्ट ने संयुक्त रुप से मुरादाबाद रोड स्थित कोविड निजी अस्पतालों में छापामार कार्रवाई की।
छापामार टीम ने इस दौरान निजी अस्पतालों के भर्ती रजिस्टर देखे तो अस्पताल संचालकों की हकीकत सामने आई। अस्पताल के अभिलेखों के मुताबिक सभी बैड फुल दर्शाये गए थे, जबकि इसके विपरीत कोविड वार्ड में देखा गया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैरान रह गए वहां आधे से अधिक बेड खाली पड़े थे।
हैरत की बात तो यह देखने में आई कि आईसीयू में कोविड रोगियों को उनके परिजन खाना व अन्य सामान स्वयं पहुंचा रहे थे। जिससे संक्रमण और अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल मनमर्जी से रकम वसूल रहे थे और जो सुविधाएं कोविड रोगी को दी जानी चाहिए थी वह नहीं दी जा रही थी।
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.साहनी व सीओ अक्षय प्रहलाद ने बताया जो शिकायतें लोगों ने की थी वह सत्य पाई गई है। बताया इसी के तहत मुरादाबाद रोड स्थित स्पर्श अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहां काफी अनियमितताएं पाई गई जिसके चलते उक्त अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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