पटना। कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को झोपड़ी में छोड़ कर परिजन खेत में काम करने के लिए चले गए। बच्चे बाहर घूमते तो उन्हें कोरोना संक्रमण हो सकता था। गांव में कई लोग कोरोना संक्रमित हैं। लेकिन तभी झोपड़ी में आग लग गई जिसमें चार बच्चे जिंदा जल गये। मृतकों में तीन भाई और एक बहन है। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया है। घटना आज सुबह की है।
पुनपुन थाना अंतर्गत अलाउद्दीनचक गांव में मातम पसरा हुआ है। पासवान बिरादरी का एक परिवार के अलाउद्दीनचक गांव झोपड़ीनुमा मकान में रहता है। घर में तीन बेटा और एक बेटी थी। बेटी 12 वर्ष जबकि तीन बेटे 5 से 8 साल तक के थे। गांव में कोरोना पांव पसार चुका है। कई लोग संक्रमित हैं। ऐसे में अपने बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए खेत पर जाते समय परिजन उन्हें झोपड़ीनुमा घर में बंद कर चले गये। इसके कुछ ही देर बाद झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटों को देखकर जब तक गांव के लोग शोर मचाते मौके पर पहुंचे, देर हो चुकी थी। चारों बच्चे झोपड़ी के अंदर झुलसकर दम तोड़ चुके थे। उनका चेहरा तक पहचान में नहीं आ रहा था। इस घटना में झोपड़ी में रखी संपत्ति भी जलकर नष्ट हो गई। ऐसे में जहां पीड़ित परिजनों की गोद सूनी हो गई है। वे खुले आसमान के नीचे आ गये हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुनपुन थाने की पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


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