अमरोहा। क्या रसगुल्ले भी अवैध हो सकते हैं? आप कहेंगे ये कैसा सवाल? जी हाँ, पुलिस ने सौ किलो रसगुल्लों समेत एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक अन्य फरार हो गया।
दरअसल उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव चल की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने की कोशिशें तो होती रहती है। यहां अमरोहा के रूखालू ग्राम पंचायत के एक प्रधान पद प्रत्याशी ने मतदाताओं को रिश्वत में रसगुल्ले ही बंटवाने की योजना बना ली। लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया। पुलिस ने रसगुल्लों समेत प्रधान पद के प्रत्याशी के साले को गिरफ्तार कर लिया।
पूरा मामला इस तरह है कि ब्लाक गंगेश्वरी की ग्राम पंचायत रूखालू में प्रधान पद के लिए चंद्रसेन दावेदार है। मतदाताओं में बांटने के लिए एक-एक किलो काला रसगुल्ला (गुलाब जामुन) की थैली मंगाई गईं। पुलिस ने सूचना पर चंद्रसेन के मकान से रसगुल्ले की थैलियां बरामद कीं। मौके से दावेदार के साले सोहनवीर निवासी पौरारा थाना रहरा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि, दावेदार चंद्रसेन फरार हो गया। पुलिस की कार्रवाई से वहां खलबली मच गई, मौके पर जिनके हाथ में रसगुल्ले की थैली थी, वे वहीं छोड़कर लोग भाग निकले। प्रभारी निरीक्षक संजय तोमर ने बताया कि मतदाताओं को रिझाने के लिए रसगुल्ले बांटने की सूचना पर रूखालू में प्रधान पद के दावेदार के मकान पर रविवार सुबह छापा मारा गया था। वहां से करीब एक ङ्क्षक्वटल रसगुल्ले बरामद किए हैं। एक-एक किलो की सौ थैली मिली हैं। सोहनवीर व चंद्रसेन के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। सोहनवीर को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया। बरामद रसगुल्ले को मालखाने में जमा नहीं किया जा सकता था। उसे जमीन में दबवा कर नष्ट करवा दिया गया।


Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal