दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना तक दूसरे और डासना से मेरठ तक चौथे चरण एक अप्रैल से खुलने का रास्ता साफ हो गया है। डासना में मेरठ की ओर तैयार 700 मीटर की एलिवेटेड रोड पर लोड टेस्टिंग और अंतिम ट्रायल रन पूरा हो गया है। वहीं, एनएचएआई की एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने की वीडियो सहित विस्तृत रिपोर्ट पर सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय में मंगलवार को दिनभर चले बैठकों के दौर के बाद मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।
कल एक्सप्रेसवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी की लाइफलाइन बनेगा। हालांकि पहले ये 31 मार्च को खोला जाना था, लेकिन कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण एक्सप्रेसवे खोलने की तिथि को एक दिन बढ़ा दिया है।
मंत्रालय में बैठकों के दौर के बावजूद एक्सप्रेसवे पर टोल दरों का मामला अभी फंसा हुआ है।एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक शुरू होने वाले दोनों चरणों के साथ अन्य दो चरणों में किमी के हिसाब से टोल की दरों का दो-तीन दिनों में निर्धारण हो सकता है। टोल दरें किमी के आधार पर तय होनी प्रस्तावित हैं। इससे छिजारसी टोल दरों में और कमी होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के साथ ही दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटा और गाजियाबाद से मेरठ जाने में केवल 30 मिनट लगेंगे। दूसरी ओर उत्तराखंड जाने वाले लोगों को दिल्ली-मेरठ हाईवे के लंबे जाम से स्थायी रूप से छुटकारा मिल जाएगा।
दिल्ली-मेरठ की दूरी को कम करने के लिए 2008 में मंथन शुरू हुआ। फिर केंद्र में 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण की कवायद शुरू हुई। 2015 दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पहले प्रोजेक्ट को नवंबर 2019 में पूरा करने की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और फिर कोरोना महामारी के चलते प्रोजेक्ट की समय सीमा करीब डेढ़ साल बढ़ गई।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट पर नजर रखने को कुल 170 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। कैमरों का ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है। कैमरों की मदद से हर पल वाहनों पर नजर रखी जाएगी। गाड़ी की स्पीड से लेकर गाड़ी में अंदर बैठे यात्री तक पर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) कैमरों की मदद से नजर रखेगी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे देश का पहला एडवांस एक्सप्रेसवे होगा। एक्सप्रेसवे पर चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा। हर आठ से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे की प्रत्येक लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई, जिस पर चलते हुए वाहन की गति को देख सकेंगे। एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों के लिए 80 और कारों के लिए अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चल सकेंगे। इसी बीच दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे की टोल दरें भी जल्दी रिवाइज की जाएगी। 
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी गेट से डासना तक के दूसरे चरण के खुलने के बावजूद 700 मीटर के हिस्से का काम मई तक पूरा हागा। एबीईएस कॉलेज के पास अलीगढ़ रेलवे लाइन पर आरओबी का काम अभी अधूरा है। यहां पर दोनो आरओबी का काम मई तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए डासना में पांच-पांच लेन उपलब्ध होंगी। चढ़ते और उतरते वक्त जाम की स्थिति न बने। इसके लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पांच-पांच लेने के टोल बूथ बनाए गए है, लेकिन टोल बूथों के बीच में करीब 100 मीटर का अंतर रखा गया है। पहले दो लेन के दो बूथ बनाएं गए है। उसके बाद कुछ दूरी पर चलकर तीन लेन के टोल बूथ बनाए गए है। इस तरह के टोल बूथ दोनों तरफ बनाए गए हैं।



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