@शब्द दूत ब्यूरो
काशीपुर । विधायक हरभजन सिंह चीमा के त्रिवेन्द्र सरकार पर किसानों के धान मूूल्य भुगतान और उनकी बाातों को अनसुना करने की शिकायत पर केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने मुस्कराते हुए पहले तो यह कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। हालांकि उन्होंने ऐसी बातों को सार्वजनिक तौर पर कहने के बजाय पार्टी के मंच पर कहने की सलाह दी।
यशपाल आर्य आज यहाँ धीमरखेड़ा में जोशी का मजरा में स्थित राजकीय इंटर कालेज भवन के लोकार्पण करने पहुंचे थे। इसी दौरान पत्रकार वार्ता के दौरान जब उनसे विधायक चीमा के बयान को लेकर पूछा गया तो उन्होंने पहले तो इस बयान की जानकारी होने से ही इंकार करते हुए कहा कि उन्हें यह बात मीडिया द्वारा अभी-अभी पता चली है। हालांकि विधायक चीमा के कल के बयान को लेकर राजधानी के सत्ता के गलियारों में तूफान मचा हुआ है। ऐसे में सूबे के केबिनेट मंत्री को अपनी पार्टी के विधायक के चर्चित बयान की जानकारी न होना आश्चर्य की बात है।
केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयान के बिल्कुल उलट राज्य के अधिकारियों तथा कर्मचारियों का उन्हें पूरा सहयोग मिलने की बात कही। गौरतलब है कि कि विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सीधे सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर अपनी और अपने क्षेत्र की जनता की बात न सुनने की अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। जबकि केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री द्वारा विधायक की बात न सुनने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई।
प्रदेश में आगामी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में आम आदमी पार्टी की दस्तक के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सभी को चुनाव लड़ने का हक है सभी को अपनी बात कहने का हक है जब चुनाव आते हैं। तो सभी पार्टियां चुनाव मैदान में आ जाती हैं जिनका कोई अस्तित्व नहीं होता है, जिनके कोई मुद्दे नहीं होते हैं। जिनका पिछले वर्षों में कोई योगदान नहीं होता है। ऐसे में उत्तराखंड की जनता बहुत जागरूक है और उन्हें पूरा यकीन है कि उत्तराखंड की जनता भाजपा को भारी से भारी बहुमत से जिताकर उनकी पार्टी की सरकार बनाएगी।
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