@ मनोज श्रीवास्तव
काशीपुर। उत्तरांचल दर्पण हिंदी सांध्य दैनिक के संपादक श्यामसुंदर सुखीजा की हृदय गति रुकने के कारण हुए निधन से प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों में शोक है। इसी को लेकर रामनगर रोड स्थित समाचार पत्र के कार्यालय में आयोजित शोक सभा के दौरान पत्रकारों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि स्व सुखीजा के जीवन का अधिकांश समय पत्रकारिता को समर्पित रहा । कलम के धनी होने के साथ ही उन्होंने समाज सेवा को भी सर्वोपरि माना। पत्रकारिता के लगभग ढाई दशक के समय में दिवंगत शम्मी सुखीजा आसपास व्याप्त तमाम समस्याओं व कुरीतियों को अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से उठाते हुए उसका समूल निदान कराया। पत्रकारिता उन के लिए एक मिशन था। इसके जरिए वह क्षेत्र का कायाकल्प करने के साथ ही लोगों को भटकाव के मार्ग से सुमार्ग की ओर लाने के जतन में थे।छल प्रपंच द्वेष भाव से दूर दिवंगत सुखीजा साफ व सच्चाई के मार्ग पर चलने के पक्षधर थे। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने नैतिकता का साथ नहीं छोड़ा।
उत्तरांचल दर्पण काशीपुर के प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि पत्रकारों के बीच दिवंगत सुखीजा की कमी हमेशा खलती रहेगी। उन्होंने कहा कि अभी पिछले कुछ समय से दिवंगत सुखीजा ने मौन धारण कर लिया था। लेकिन जब वह बोलते थे तो उनकी वाकपटुता के लोग कायल हो जाते थे। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि दिवंगत सुखीजा लोगों के दिलों में सदैव जिंदा रहेंगे।



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