@शब्द दूत ब्यूरो (03 अप्रैल 2026)
देहरादून/हरिपुर कालसी। उत्तराखंड के देहरादून जिला अंतर्गत हरिपुर (कालसी) क्षेत्र में राज्य का पहला भव्य ‘जमुना घाट’ तेजी से आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद शुरू इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आगामी बजट में भी धन आवंटन का प्रावधान किया गया है।
देवभूमि उत्तराखंड में यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री से होता है, लेकिन अब तक राज्य में ऐसा कोई विकसित घाट नहीं था जहां श्रद्धालु व्यवस्थित रूप से स्नान कर सकें। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने हरिपुर में करीब एक किलोमीटर लंबे घाट के निर्माण का कार्य शुरू कराया है, जो राज्य का पहला आधिकारिक जमुना घाट होगा।
यह घाट न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि हजारों तीर्थयात्रियों को यमुना स्नान की सुविधा भी प्रदान करेगा। ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, हरिपुर क्षेत्र में पूर्व में भी एक विशाल तीर्थस्थल और घाट हुआ करता था, जो प्रलयंकारी बाढ़ में नष्ट हो गया था। अब मुख्यमंत्री धामी ने इसे पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया है।
इस परियोजना का निर्माण कार्य मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा कराया जा रहा है, जो पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी भी कर रहा है।
हरिपुर कालसी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी बेहद खास है। यह क्षेत्र भगवान कृष्ण के कालखंड से जुड़ा माना जाता है। साथ ही यहां सम्राट अशोक के शिलालेख मौजूद हैं और गुरु गोबिंद सिंह के बाल्यकालीन युद्ध प्रशिक्षण से भी इसका संबंध बताया जाता है। यमुना तट पर स्थित प्राचीन अश्वमेध यज्ञ स्थल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख में संरक्षित है।
सीएम धामी का बयान:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार हरिपुर जमुना घाट को एक प्रमुख धाम के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जौनसार-बावर क्षेत्र सहित यमुना आस्था से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगी और इसके लिए बजट में भी पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई है।
25 फुट ऊंची लगेगी यमुना जी की प्रतिमा:
घाट के पास पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊंची यमुना जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए स्थानीय ‘लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति’ द्वारा गुजरात के मूर्तिकारों को बुलाकर कार्य प्रारंभ कराया गया है। प्रतिमा स्थापना के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। साथ ही घाट के समीप एक विशाल मंदिर निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है, जिसके लिए समिति को भूमि दान में प्राप्त हो चुकी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद हरिपुर कालसी उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
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