Breaking News

निलंबित उपनिरीक्षक की गोपनीय आख्या सार्वजनिक कैसे हुई? पुलिस महकमे में हड़कंप,डीजीपी ने दिए जांच के आदेश

@शब्द दूत ब्यूरो (21 जनवरी 2026)

उत्तराखंड पुलिस में एक अधिकारी की वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) के सोशल मीडिया पर अनधिकृत रूप से प्रसारित होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने विशेष कार्यबल (STF) से विस्तृत और गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मामला निलंबित उप निरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला, जनपद बागेश्वर से जुड़ा हुआ है, जिनकी ACR कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की गोपनीय आख्या का सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर प्रसार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय है। ACR एक गोपनीय डिजिटल दस्तावेज होता है, जिसे केवल सुरक्षित आईडी और डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी ही एक्सेस कर सकते हैं। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इसे सीधे तौर पर प्राप्त करना या साझा करना संभव नहीं माना जाता।

इसी कारण मामले में अनधिकृत डेटा एक्सेस की संभावना और साइबर साक्ष्यों की जांच आवश्यक समझी गई है। तकनीकी रूप से सक्षम जांच सुनिश्चित करने के लिए यह प्रकरण STF को सौंपा गया है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि दस्तावेज कैसे लीक हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिकूल ACR टिप्पणी दर्ज होने के बावजूद संबंधित अधिकारी को थानाध्यक्ष पद पर तैनात किए जाने के मामले की जांच पहले से ही प्रचलित है।

SSP STF  नवनीत भुल्लर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के आदेशों के क्रम में सभी तथ्यों और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। STF कुमाऊं यूनिट द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

उत्तराखंड :अब सब-इंस्पेक्टर्स नहीं होंगे पुलिस थानों के इंचार्ज — सिर्फ इंस्पेक्टर्स को ही प्रभारी के रूप में तैनात किया जाएगा

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (21 जनवरी 2026) देहरादून। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय  ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-