@शब्द दूत ब्यूरो (29 दिसंबर 2025)
काशीपुर। काशीपुर क्रय-विक्रय सहकारी समिति के समक्ष आज भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने धान खरीद के भुगतान में हो रही भारी देरी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 में यूसीएफ द्वारा खरीदे गए हजारों क्विंटल धान का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि अक्टूबर माह में खरीदा गया अधिकांश धान अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया, जिसके कारण भुगतान लंबित है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर फसल बोई थी, अब धान बिकने के बावजूद पैसा न मिलने से गेहूं की बुवाई सहित अन्य कृषि कार्य ठप पड़े हैं।
भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू ने आरोप लगाया कि दो से ढाई महीने बीत जाने के बाद भी समिति और संबंधित अधिकारी भुगतान को लेकर टालमटोल कर रहे हैं। जब भुगतान की स्थिति पूछी जाती है तो कभी पोर्टल न होने तो कभी लक्ष्य (लिमिट) न मिलने का हवाला दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
वहीं सहकारी समिति के अकाउंटेंट राजकुमार सिंह ने बताया कि समिति को 54 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था, जो 22 अक्टूबर तक पूरा हो गया था। इसके बाद करीब 12 हजार क्विंटल धान लक्ष्य न मिलने के कारण पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका है। लक्ष्य मिलते ही पेंडिंग धान को पोर्टल पर चढ़ाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
किसानों का कहना है कि धान क्रय केंद्र पर सरकारी व्यवस्था के तहत तौल और पर्ची बनाई गई थी, इसलिए भुगतान न मिलने की जिम्मेदारी पूरी तरह विभाग और समिति की है। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें उनके धान का पूरा भुगतान नहीं मिल जाता, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
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