@शब्द दूत ब्यूरो (23 सितंबर 2025)
नई दिल्ली। विज्ञान भवन में आज 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का भव्य आयोजन हुआ। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा की श्रेष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल लोकप्रियता का माध्यम न होकर समाजिक जागरूकता, संवेदनशीलता और जनहित की दिशा में भी कार्य करे। उन्होंने बढ़ती महिला भागीदारी की सराहना करते हुए महिलाओं को पर्दे पर और पर्दे के पीछे समान अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा क्षण तब आया जब महान अभिनेता मोहनलाल को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। चार दशकों से अधिक के सफर में 360 से ज्यादा फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देने वाले मोहनलाल ने इस सम्मान को “जादुई और पवित्र” बताते हुए इसे मलयालम फिल्म उद्योग के दिग्गज गुरुओं और संपूर्ण फिल्म बिरादरी को समर्पित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि मोहनलाल ने न केवल असाधारण अभिनय से बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को संजोते हुए सिनेमा को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है।
इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोहनलाल को सच्चा लीजेंड बताते हुए कहा कि सरकार स्वदेशी फिल्म उपकरणों के उत्पादन को प्रोत्साहन देगी, लाइव कॉन्सर्ट इकॉनमी को मज़बूत बनाएगी और मॉडल स्टेट सिनेमा रेगुलेशन रूल्स तैयार कर रही है, ताकि विकसित भारत 2047 की दिशा में सृजनशील अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुंबई स्थित राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) परिसर में देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) कार्यरत हो गया है, जहाँ 17 कोर्स वैश्विक साझेदारों के सहयोग से शुरू किए गए हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कारों में इस वर्ष शाहरुख खान को जवान के लिए और विक्रांत मैसी को 12th फेल के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। वहीं, रानी मुखर्जी को मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे में उनके दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान दिया गया। 12th फेल को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, फ्लॉवरिंग मैन को सर्वश्रेष्ठ नॉन फीचर फिल्म और गॉड वल्चर एंड ह्यूमन को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार प्रदान किया गया।
सहायक भूमिकाओं में विजयराघवन और मुथुपेट्टई सोमू भास्कर को सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता, जबकि उर्वशी और जांकी बोदीवाला को सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसके अलावा हनु-मान को एवीजीसी श्रेणी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एंड कॉमिक्स) में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, तथा गिद्ध: द स्कैवेंजर को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का सम्मान दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बाल कलाकारों और उभरते फिल्मकारों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए पर्यावरणीय मुद्दों को फिल्मों में उठाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा लोकतंत्र और भारत की विविधता का आईना है, जो देश के युवाओं को प्रेरित करता है।
इस आयोजन ने साबित किया कि भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि संवेदनाओं, सपनों और साझा अनुभवों का उत्सव है।
| पुरस्कार | विजेता / सम्मानित | फिल्म / टिप्पणी |
|---|---|---|
| दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (Lifetime Achievement) | श्री मोहनलाल | मलयालम सिनेमा के महानायक — सम्मान को “जादुई और पवित्र” बताते हुए मलयालम फिल्म उद्योग के गुरुओं को समर्पित किया। |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) | शाह रुख खान विक्रांत मैसी (साझा) |
Jawan — शाह रुख खान; 12th Fail — विक्रांत मैसी (सम्मान साझा)। |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (Best Actress) | रानी मुखर्जी | Mrs. Chatterjee v/s Norway — मां की भूमिका के लिए सम्मान। |
| सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (Best Feature Film) | 12th Fail | साहस, संघर्ष और प्रेरणा पर आधारित — वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म। |
| सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म (Best Non-Feature Film) | Flowering Man | नॉन-फीचर श्रेणी में श्रेष्ठ कार्य। |
| सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री (Best Documentary) | God Vulture and Human | डॉक्यूमेंट्री श्रेणी का विजेता। |
| एवीजीसी — सर्वश्रेष्ठ फिल्म (Best Film in AVGC) | Hanu-Man | एनीमेशन/वीएफएक्स/गेमिंग/कॉमिक्स श्रेणी का सर्वोत्तम प्रदर्शन। |
| सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म (Best Short Film) | Giddh: The Scavenger | लघु फिल्म श्रेणी का विजेता। |
| सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता (Best Supporting Actor) | विजयराघवन मुथुपेट्टई सोमू भास्कर |
सहयोगी भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित। |
| सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री (Best Supporting Actress) | उर्वशी जांकी बोदीवाला |
सह अभिनेत्री श्रेणी के विजेताएँ। |
| विशेष मुख्य बातें / सरकारी घोषणाएँ | • केंद्र सरकार स्वदेशी फिल्म उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देगी; • लाइव कॉन्सर्ट इकॉनमी को सशक्त किया जाएगा; • “मॉडल स्टेट सिनेमा रेगुलेशन रूल्स” तैयार किए जा रहे हैं ताकि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य साकार हो सके; • मुंबई के NFDC परिसर में प्रारंभिक रूप से संचालन में आया International Institute of Cinema & Technology (IICT) — कई कोर्स एवं वैश्विक साझेदार शामिल। |
|
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal
