@शब्द दूत ब्यूरो (04 अगस्त 2025)
काशीपुर। शहर की सड़कों पर इन दिनों आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। खासकर सुबह और शाम के समय जब स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग नागरिक और ऑफिस जाने वाले लोग सड़कों से गुजरते हैं, तब गायों, सांडों और कुत्तों का झुंड ट्रैफिक को बाधित कर रहा है। इससे दुर्घटनाओं की संभावनाएं लगातार बनी हुई हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूध दुहने के बाद पशु मालिक जानबूझकर अपनी गायों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। वहीं सांडों का झुंड कई बार राहगीरों पर हमला करने की कोशिश कर चुका है। सबसे अधिक खतरा उन बुजुर्गों और बच्चों को है जो अकेले सड़कों पर निकलते हैं। इसके अलावा आवारा कुत्तों की भी संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे रात के समय चलना और भी खतरनाक हो गया है।
व्यस्त सड़कों पर जगह-जगह रुकावटें बनने से जहां ट्रैफिक बाधित हो रहा है, वहीं लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। कई बार वाहन चालक इन पशुओं से टकराने से बाल-बाल बचे हैं। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि किसी अनहोनी से पहले इन समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाएं। सड़क सुरक्षा और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आवारा पशुओं को पकड़ने, पुनर्वासित करने और पशु मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी दुर्घटना होना तय है।
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