@शब्द दूत ब्यूरो (03 मार्च 2024)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रिपरिषद बैठक हुई. यह बैठक करीब 8 घंटे तक चली. सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान पीएम ने मंत्रियों को कहा कि बोलने में परहेज करें और सोच-समझकर बोलें. पीएम ने डीपफेक से बचने यानि आवाज बदलकर आदि से जो कोशिश की जाती है. उससे सतर्क रहने की बात कही. पीएम ने कहा कि मैने राज्यसभा के सांसदों को चुनाव लड़ने को कहा था. उन्होंने कहा कि विकसित भारत की झलक इस बजट में दिखनी चाहिए, जो इस बार जून में पेश होगा. पीएम ने लगभग एक घंटे तक बात की.
पीएम ने कहा कि बोलना है तो योजनाओं पर बोले, विवादित बयानों से बचें. पीएम ने मंत्रियों को ये भी कहा कि चुनाव है, किससे मिल रहे हैं. देखकर मिले यानि मिलने-जुलने में सोच समझकर मिले. इसको लेकर शरद पवार और प्रमोद महाजन का एक उदाहरण भी दिया.
AI के बेहतर इस्तेमाल पर पीएम का जोर
पीएम ने सचिवों से कहा कि वे AI का बेहतर इस्तेमाल करें. 2047 तक विकासशील भारत की योजना बनाना उच्च प्राथमिकता है. पीएम मे कहा कि ये उच्च प्राथमिकता वाली बैठक है. उन्होंने बजट में एक लाख करोड़ रुपये से लेकर भविष्य की प्रौद्योगिकियों और थार का उपयोग करने के तरीकों के बारे में बात की, ताकि भारत नवाचार में अग्रणी हो.
उन्होंने उम्र से संबंधित जनसांख्यिकी परिवर्तनों के बारे में बात की. बढ़ती उम्र की आबादी और इसकी चुनौती पर पीएम ने विकासशील भारत सेमिनार को विभागीय एजेंडे में शामिल करने के लिए कहा है. बिजनेस बॉडीज सीआईआई, फिक्की से भी इस पर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया जाएगा.
विभागों की कार्ययोजना और विचार तैयार करने का दिया निर्देश
पीएम ने विभागों की कार्ययोजना और विचार तैयार करने को कहा. उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से संबंधित मंत्रालयों में रिकॉर्ड देखने को कहा कि देखें कि अतीत में निर्णय कैसे हुए. पिछले 25 वर्षों में विचार कैसे बदल गए.
उन्होंने अधिकतम सरकार और न्यूनतम शासन के बारे में बात की. विशेष रूप से पी2जी2 पर ध्यान केंद्रित किया. पीएम ने सचिवों से कहा कि आज जो इस बैठक में प्रजेंटेंशन और सुझाव आया है. उस पर जल्द काम शुरू होना चाहिए. अमित शाह ने अदालतों में जो मामले लंबित है, उसको लेकर सचिवों से कहा कि कोई उपाय करने चाहिए, ताकि कोर्ट में लंबित मामले कम हों.
इस अवसर पर पांच प्रजेंट्ंशन सचिवों ने दिया. मंत्री अश्विनी वैष्णव, हरदीप पुरी, किरेन रिजीजू, अर्जुन मेघवाल और पीयूष गोयल ने प्रजेंटेशन पर अपने-अपने सुझाव दिये.
विकसित भारत 2047 के विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा
इसके साथ हीमंत्रिपरिषद ने विकसित भारत 2047 के विजन डॉक्यूमेंट और अगले 5 वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया. इसके साथ ही मई, 2024 में नई सरकार के गठन के बाद त्वरित कार्यान्वयन के लिए तत्काल कदमों के लिए 100-दिवसीय एजेंडे पर भी काम किया गया.
विकसित भारत का रोडमैप 2 साल से अधिक की गहन तैयारी का परिणाम है. इसमें सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों, शिक्षाविदों, उद्योग निकायों, नागरिक समाज, वैज्ञानिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श और युवाओं को उनके विचार, सुझाव और इनपुट प्राप्त करने के लिए संगठित करने के लिए एक संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण शामिल था.
विकसित भारत का रोडमैप का बना खाका
बता दें कि विभिन्न स्तरों पर 2700 से अधिक बैठकें, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए गए. 20 लाख से अधिक युवाओं के सुझाव प्राप्त हुए.
विकसित भारत के रोडमैप में स्पष्ट रूप से व्यक्त राष्ट्रीय दृष्टि, आकांक्षाएं, लक्ष्य और कार्य बिंदुओं के साथ एक व्यापक खाका है. इसके लक्ष्यों में आर्थिक विकास, एसडीजी, जीवन-यापन में आसानी, व्यापार करने में आसानी, बुनियादी ढांचा, सामाजिक कल्याण आदि जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
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