@हमारे संवाददाता
काशीपुर(05 नवंबर 2023)। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने मानपुर रोड पर बनाए गए नाले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं और जांच में यदि पाया जाता है कि कोई अतिक्रमण हुआ है या फिर किसी प्राइवेट व्यक्ति ने नाला गलत ढंग से बनाया है तो इस नाले को हर हाल में तोड़ा जाएगा।
बता दें कि कि काशीपुर के मानपुर रोड पर आर के फ्लोर मिल के सामने पीडब्ल्यूडी एवं स्थानीय प्रशासन की जानकारी के बिना ही दो ढाई सौ फीट तक सरकारी नाले को ढाई तीन फीट ऊंचा बना दिया गया। नाला ऊंचा होने से बारिश होने पर न सिर्फ इस नाले का पानी लोगों के घरों और दुकानों में भरेगा बल्कि सड़क पर भी पानी भरेगा और डामर से बनी सड़क बनकर भी आए दिन टूटती रहा करेगी। क्योंकि इस नए बनाए गए नाले के दोनों ओर का नाला गहराई में है । चौकाने वाली बात तो यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग इस नाले को बनाने से ही इनकार कर रहा है। फिर यह नाला कैसे बन गया?
बनवाने वाले ने करीब 200 फीट तक पूरे नाले की खुदाई की और उसमे लगी ईंटें तक निकाल दी और नए सिरे से नाला बनाकर खड़ा कर दिया लेकिन किसी का भी ध्यान इस नाले की ओर नहीं गया।जाहिर है सड़क से करीब 3 फीट ऊपर उठाकर बनाए गए नाले में 15-20 दिन का समय तो लगा होगा क्योंकि कई दिन तो खुदाई करने और ईंट निकालने में ही लग गए होंगे ।अब सवाल यह उठता है कि यह सब होता रहा और जिस पीडब्ल्यूडी विभाग का यह नाला है उसे पता तक नहीं चला। यह बात गले नहीं उतरती।
इस प्रकरण की यदि गंभीरता से जांच हो तो पीडब्ल्यूडी की भूमिका और नाला किसने और क्यों बनाया इस सब का अनावरण हो जाएगा । पूछताछ करने पर कुछ स्थानीय निवासी दबी जुबान कहते हैं कि यह नाला किसी प्रॉपर्टी डीलर ने बनाया है जिसकी जमीन इस नाले से मिलती हुई है । वह प्रॉपर्टी डीलर कौन है इसका पता लगाने और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग और प्रशासन की है।
वैसे एक बात तो जरूर है कि कोई इतना बड़ा काम बगैर विभाग को जानकारी में लिए नहीं कर सकता और किया है तो प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग को जनता को अब जवाब देना चाहिए कि नाला सही बना है या गलत?
खबर प्रकाशन के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के जिले के मुखिया हरीश शर्मा नाले के निर्माण को गंभीरता से लेते हुए कहते हैं कि इसकी जांच कराई जाएगी और किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।भले ही नाले को तोड़ने की ही जरूरत क्यों न पड़े।
यहां बता दें कि इस नाले के बारे में जब हमारे संवाददाता ने विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार से बात की थी तो नाले के बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा तो उन्होंने भी यही था कि उनकी जानकारी में नहीं है कि इस तरह किसी ने नाला बनाया है और बनाया गया है तो जांच कर उसे तुड़वाया जाएगा। अब देखना यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग या स्थानीय प्रशासन इस नाले को जांच के उपरांत गलत पाए जाने पर धराशायी करता है या नहीं?
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal



