@शब्द दूत ब्यूरो (07 फरवरी 2023)
काशीपुर। देश में इन दिनों धर्म का बोलबाला है लेकिन सिर्फ राजनेताओं ने सत्ता में बने रहने के लिए धर्म का जमकर दुरूपयोग किया है। ऐसा कहना बिल्कुल भी गलत नहीं है।इस कथन का जीता जागता प्रमाण है काशीपुर का पौराणिक धार्मिक स्थल गिरीताल।
जी हां, धर्म की बात करने वालों को बुरा ज़रूर लग सकता है पर हकीकत को झुठलाया नहीं जा सकता। शब्द दूत आपको हकीकत से रूबरू करा रहा है। गिरीताल कहने को तो हिंदू धर्म का पवित्र स्थान है पर इसकी पवित्रता सिर्फ कागजों तक है। धरातल पर इसे धार्मिक स्थल से ज्यादा टंचिग ग्राउंड बना दिया गया है।
इसके सरोवर में सीवर और नालियों का गंदा पानी डालकर इसके कौन से पवित्र स्वरूप को क़ायम रखा गया है यह देखने की बात है। शहर में तमाम लोग खुद को हिंदू धर्म का स्वयंभू रक्षक मानते हैं लेकिन इन लोगो को इस धार्मिक स्थल की रक्षा करने में शर्म आती है। किसी राजनेता के समर्थन में इकट्ठा होने वाली भीड़ को बजबजाती गन्दगी अपने आप में समेटे गिरीताल की दुर्दशा नजर नहीं आती।
मंदिर के आसपास लोग कूड़ा फ़ेंक रहे हैं।ये कूड़ा फेंकने वाले कौन हैं?वही लोग जो खुद के धार्मिक होने का सिर्फ स्वांग रचते हैं।
कहने को तो कमेटी भी बनाई गई है पर स्थानीय प्रशासन भी आंखें मूंदे हुए हैं।
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