@विनोद भगत
देहरादून ।यंग उत्तराखंड को मिले यंग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को देखकर अब जनता खुद कहने लगी है विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड वास्तव में अब दौड़ रहा है । पंडित नारायण दत्त तिवारी के बाद देवभूमि को अब जाकर ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो दिन रात केवल प्रदेश के विकास की ही चिंता मैं डूब कर जनसमस्याओं के तत्काल निदान में जुटा है।
पहाड़ की सर्पिली सड़कों से लेकर मैदान का सफर तय करते हुए एक सामान्य परिवार से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे पुष्कर सिंह धामी ने कठिनाइयों को बड़े ही करीब से देखा है और यही कारण है कि वह आमजन की समस्याओं को देख और सुन रहे हैं। वह अपने आप को सूबे का मुखिया नहीं बल्कि मुख्य सेवक समझकर काम कर रहे हैं। आमजन को क्या क्या परेशानियां हो सकती है यह उन्हें भली-भांति विदित है । यही कारण है कि कभी वें बस अड्डों का औचक निरीक्षण करते नजर आते हैं तो कभी अस्पतालों और स्कूलों का।
2025 तक उत्तराखंड को देश का प्रथम राज्य बनाने का जो सपना उन्होंने लिया है उसके लिए वें निसंदेह साधुवाद के पात्र हैं ।इससे न सिर्फ उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों की आत्मा को शांति मिलेगी बल्कि देव भूमि की महान जनता को भी अपने सपनों का उत्तराखंड बनता नजर आएगा। क्षेत्र कोई सा भी हो मुख्यमंत्री की निगाह सब जगह है । गढ़वाल में बस दुर्घटना होने पर वे खुद कंट्रोल रूम पहुंचकर सारी स्थिति का जायजा लेते हैं तो बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में कहीं ट्रैक्टर पर तो कहीं जेसीबी मशीन पर बैठकर जनता के बीच आपदा का मौके पर पहुंचकर जायजा लेतेनजर आते हैं ।
जहां तक भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने की बात है तो पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली को देखकर ही स्पष्ट नजर आता है कि जैसे उन्होंने भ्रष्टाचार को खत्म करने की कसम ही खा ली है ,और इस मामले में वह ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।
उनके कार्यकाल पर नजर डालेंतो 8 अप्रैल 2022 को उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी पहल की। भ्रष्टाचार की शिकायतों को दर्ज करने को आम जनता के लिए 1064 वेब एप लांच किया गया। यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत घूस आदि लेने की मांग करता है तो 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाता है और दोषी पर समयबद्ध कार्रवाई होती है।22 जून 2022 कोआय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के चर्चित अधिकारी राम विलास यादव को मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन से कुछ ही देर बाद उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया।
22 जुलाई 2022 को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें अब तक मास्टरमाइंड मूसा समेत 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यही नहीं 8 अगस्त 2022 को पूर्व आईएफएस किशन चंद व अन्य अधिकारियों पर मुख्यमंत्री द्वारा मुकदमे की अनुमति दे दी गयी। कॉर्बेट पार्क में टाइगर सफारी बनने में अनियमितता का मामला सामने आया था। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर शासन से मुकदमे की अनुमति मांगी थी।
8 अक्टूबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार पर एक और करारा वार किया । मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर परीक्षा घोटालों की जांच कर रही एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत (पूर्व आईएफएस), सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया । आरबीएस रावत उत्तराखंड में वन विभाग के हेड रह चुके हैं। यह कार्रवाई एसटीएफ ने UKSSSC द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच के बाद की गयी है।
कुल मिलाकर युवा मुख्यमंत्री ने अब देवभूमि वासियों को विश्वास दिला दिया है कि उनके विकास के लिए आने वाला एक-एक रूपया ईमानदारी के साथ विकास कार्यों में लगेगा न कि भ्रष्टाचारियों की जेब में जाएगा। राज्य आंदोलनकारियों ने जो सपने संजोए थे उन्हें हर हालत में पूरा कर चमकता हुआ ऐसा उत्तराखंड बनाएंगे जो देश के राज्यों की फेहरिस्त में पहले नंबर पर चमकता नजर आएगा।
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