
@शब्द दूत ब्यूरो (26 जुलाई 2022)
काशीपुर । सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने विभाग में आवंटित किए गए बजट में बंदरबांट का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर जांच की मांग की। जिस पर आज यहाँ विभागीय जांच के लिए अधिकारियों की टीम पहुंची है।
रूद्रपुर से पहुंचे सिंचाई विभाग के एस ई पी के दीक्षित ने काशीपुर सिंचाई विभाग कार्यालय में आकर मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है। साथ ही ही प्रथम दृष्टि में लग रहा है कि नहरों की सफाई नहीं हुई है। लेकिन पूरी तरह से जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कि मुख्य अभियंता के साथ बीते रोज उन्होंने नहरों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता ने उन्हें सभी नहरों का स्थलीय निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया है।
दरअसल सिंचाई खंड काशीपुर के अंतर्गत नहरों में सिल्ट की सफाई को लेकर विभाग द्वारा टेंडर की प्रक्रिया की गई थी। विभागीय ठेकेदार अशोक शर्मा का आरोप है कि पिछले वित्तीय वर्षों 2020-21 मे लगभग 2.50 करोड 2021-22 मे लगभग 3.50 करोड से अधिक एवं 2022-23 में वर्तमान समय मे अभी तक 1.25 करोड आवंटित हुआ है।
आरोप है कि आवंटित धन की विभागीय अधिकारियों द्वारा बंदरबांट कर ली गयी और नहरों की सफाई नहीं की गई। इस आवंटित धन को खण्ड के अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ताओं द्वारा विभिन्न नहरों मे वर्षा काल से पूर्व जंगल / सिल्ट सफाई के अनुबन्ध करवाकर, फर्जी भुगतान कर सरकारी धन की बदरबांट की जा रही है। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत से अधिक धन कमीशन के रूप में में बांट दिया गया है।
इस खण्ड में विभिन्न नहरों में जंगल / सिल्ट सफाई करने के अनुबन्धों को करने की प्रतियोगिता या एक प्रकार से टेन्डर की प्रक्रिया, इस तरह से अन्दरखाने मे, इस खण्ड मे चलती है कि, जो प्रतियोगी उपखण्ड / सहायक अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता को अधिकतम एवं ठेकेदार को न्यूनतम देगा, उसी को एक डील के तहत जंगल / सिल्ट सफाई करने के अनुबन्धो अनुमति बकायदा अधिशासी अभियन्ता द्वारा प्रदान की जाती है।
यही नहीं वर्तमान में भी ठीक मानसून से पहले विभिन्न नहरों में करोड़ों के जंगल / सिल्ट सफाई करने के अनुबन्धों को करने की अनुमति अधिशासी अभियन्ता द्वारा, स्थानान्तरित हुऐ दो सहायक अभियन्ता प्रथम एवं द्वितीय को, एक डील के तहत प्रदान की गयी और उन दोनो को कार्यमुक्त करने से पहले उनका फर्जी भुगतान लगभग 1 करोड़ का कर दिया गया है। वहीं शेष दो सहायक अभियन्ताओं एवं कार्यमुक्ति के उपरान्त, उनके स्थान पर आये सहायक अभियन्ताओं द्वारा, अब पूरे वर्ष तुमरिया / फीका / ढेला डेम के बुरे हालों एवं नहरो की बदतर स्थिति के चलते ठेकेदारो के भुगतान एवं जनप्रतिनिधियों / काश्तकारों का सामना करना पडेगा ।
ठेकेदार अशोक शर्मा ने कहा कि इस खण्ड मे पहले से ही पूर्व की योजनाओं की एस० आई० टी० जांच प्रगति पर है तथा इस खण्ड में 2701-अनुरक्षण मद में पहले से ही लगभग 5 करोड से अधिक की देनदारी लंबित है। उसके बावजूद सिंचाई खण्ड काशीपुर के अधिशासी अभियन्ता से लेकर कनिष्ठ अभियन्ताओं द्वारा, जो 2701-अनुरक्षण मद में शासन द्वारा प्राप्त धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
ठेकेदार अशोक शर्मा ने खण्ड में वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 के मात्र 2701-अनुरक्षण मद मे किये गये कार्यो की जांच की मांग की है।
इसके साथ-साथ, अभी भी वर्तमान मे मानसून से पूर्व, इस वर्ष 2022-23 के लिये प्रथम किश्त के रूप में शासन द्वारा आवंटित 1. 25 करोड रूपये अधिशासी अभियन्ता द्वारा विभिन्न नहरों में जंगल / सिल्ट सफाई करने के लिये अनुमति देकर उपखण्ड प्रथम एवं द्वितीय मे कराये गये अनुबन्धों तथा उनके किये गये भुगतानों की भी बारीकी से जांच करायी जाये ताकि घोटाले का खुलासा हो सके।
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