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उत्तराखंड: भूस्खलन से केदारनाथ हाईवे सहित 148 सड़कें बंद

@शब्द दूत ब्यूरो (09 जुलाई, 2022)

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है। राज्य में बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं। केदारनाथ हाईवे मुनकटिया में मलबा आने से बाधित रहा, किंतु शीघ्र से खोल दिया गया। वहीं बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ में पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे यातायात के दौरान मुश्किलें हो रही है।

फिलहाल केदारनाथ धाम की यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। शनिवार को सुबह 8:00 बजे तक 600 यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हुए। जिले के सभी स्थानों पर बादल लगे हैं, और कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हो रही है।

कालसी चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कालसी क्षेत्र में चार मोटर मार्ग सडक पर मलबा आने के कारण बंद रहे। कालसी चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास आज सुबह भारी मलबा आ गया। जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी।

लोनिवि ने दोनों ओर से जेसीबी लगाकर करीब तीन घंटे बाद मार्ग को खुलवा कर यातायात शुरु करवाया। उधर अन्य मार्गों में बिजऊ-खतार, बडऊ-जंदेऊ व काहनेर- पुनाह मार्ग भी बंद हैं। सभी मार्गों पर मलबा हटाने का काम जारी है। दोपहर तक मार्ग खुलने के आसार हैं।

उत्तरकाशी जिले में चार सड़कें अभी भी यातायात के लिए ठप हैं। मोरी में फफराला खड्ड के उफान से ध्वस्त मोरी-सांकरी सड़क पर देर शाम यातायात चालू हो गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शनिवार तक जिले की सभी सड़कें यातायात के लिए खोल दी जाएगी।

मंगलवार की रात उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश के कारण दर्जनों सड़कें आवाजाही के लिए बंद हो गईं थी। गुरूवार को उत्तरकाशी जिले की 15 सड़कों पर यातायात ठप रहा। जबकि शुक्रवार को 4 सड़कें बंद बताई गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि नौगांव-स्योरी मोटरमार्ग के शनिवार तक खुलने की संभावना है।

वहीं फफराला खड्ड के उफान से मोरी-सांकरी मोटरमार्ग का 20 मीटर हिस्सा ध्वस्त होने पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई के साथ मार्ग को आवागमन के लिए चालू कर दिया है। पुरोला लोनिवि के ईई दीपक कुमार ने बताया कि मार्ग को देर शाम खोल दिया है। दूसरी ओर गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर आवागमन निर्बाध रूप से जारी है।

बीते बुधवार सुबह हुई भारी बारिश के कारण नरेन्द्रनगर ब्लॉक के बेरनी-ओडाडा-पोखरी, भिलंगना के घुत्तु -कफोलगांव-सटियाला गांव, कीर्तिनगर के गहड़-पल्यापटाला तथा जौनपुर के मरोडा- बनाली-कुंड ग्रामीण लिंक मोटर मार्ग शुक्रवार को भी बाधित रहे।

कुमाऊं मंडल के सीमांत इलाकों में आसमानी बारिश आफत बनकर आई है। मुनस्यारी के द्वालीगाड़ से एक किलोमीटर ऊपर बादल फटने से यह गाड़ उफान पर आ गई, जिससे इसमें बना लोहे का पुल टूट गया। इस पुल के टूटने से पर्यटन नगरी को जोड़ने वाली प्रमुख थल-मुनस्यारी सड़क पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे यहां की 40 हजार से अधिक की आबादी की मुश्किल बढ़ गई है।

मुनस्यारी के द्वालीगाड़ क्षेत्र में बादल फटने से यहां बहने वाली गाड़ उफान पर आ गई। गाड़ के तेज बहाव से इस पर बना लोहे का पुल टूट गया, जिससे थल-मुनस्यारी सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। पुल टूटने से पर्यटन नगरी मुनस्यारी अलग-थलग पड़ गई है। यहां 36 से अधिक पर्यटक, यात्री व माल वाहक वाहन फंसे हैं।

पैदल यात्री किसी तरह जान जोखिम में डालकर उफनाई गाड़ पार कर रहे हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है। इस पुल का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ था। महज 15 साल में ही पुल के जवाब देने से लोनिवि की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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