@शब्द दूत ब्यूरो (03 जुलाई 2022)
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर रार अभी थमी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर पार्टी के भीतर विरोधियों पर निशाना साधा है।
हरीश रावत ने कहा है कि चुनाव में हार की जिम्मेदारी मुझ पर थोपे लेकिन जिन लोगों ने कांग्रेस में रहते हुए पार्टी प्रत्याशियों को हराने का काम किया वह किस मुंह से हरीश रावत पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। हरीश रावत ने एक वीडियो जारी कर अपनी व्यथा सुनाई है।
फेसबुक पर पोस्ट इस वीडियो के साथ हरीश रावत ने लिखा है –
खुद भी आहत हूँ कि कुछ लोग 2016 में हमको छोड़कर के चले गये और मैं यह भी जानता कि यदि वो लोग नहीं गये होते तो 2017 में #कांग्रेस की सरकार बनी होती। लेकिन उसके पीछे यह शक्ति कौन थी जिसने यह #दलबदल करवाया! उस दलबदल में पैसे का महत्व कितना था? क्या लालच था लोगों के सामने, वह सब दिन के उजाले की तरीके साफ है और फिर चलो उत्तराखंड में तो #HarishRawat मुख्यमंत्री थे उनको संभालना चाहिए था। अरुणाचल, असम में क्या कहेंगे आप? मणिपुर में क्या कहेंगे? गोवा में क्या कहेंगे? कर्नाटक में जिस तरीके से सरकार गिराई गई उस पर क्या टिप्पणी करना चाहेंगे? जिस प्रकार से मध्य प्रदेश के अंदर सरकार गिराई गई और कांग्रेस से सत्ता का अपहरण किया गया उस पर क्या कहेंगे? महाराष्ट्र के अंदर जिस प्रकार से सत्ता बदल करवाया गया है उस पर क्या कहना चाहेंगे? क्या उस सबका भी हरीश रावत ही जिम्मेदार है? सारा देश इस तथ्य को जानता है कि #भाजपा, विपक्ष को समाप्त करने के लिए, लोकतंत्र की हत्या के लिए एक के बाद एक राज्य में कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए, कांग्रेस को कमजोर करने के लिए नग्न धन का खेल कर रही है, ईडी सीबीआई, इनकम टैक्स आदि का दुरुपयोग कर रही है। यदि हम कि किसी बात को इतनी सिंप्लफिकेशन से कहेंगे या यह आभास देने की कोशिश करेंगे कि 2016 में उत्तराखंड का दल-बदल, हरीश रावत के कारण हुआ तो हम भाजपा को उसके पाप से लोकतंत्र की कई राज्यों में हत्या करने के पाप से मुक्त करेंगे और मैं समझता हूं मेरे कोई भी सहयोगी, कोई भी कांग्रेस जन, भाजपा को इस पाप से मुक्त नहीं करना चाहेगा।
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