Breaking News

काम की बात: किसी की मृत्यु के बाद क्या होता है लोन का और किसे चुकाना पड़ता है बकाया?

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (25 मई, 2022)

लोग अपनी आजीविका चलाने के लिए और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए काम करते हैं, ताकि वो पैसे कमा सकें। लोगों को कई अलग-अलग कामों के लिए भी जरूरतें होती हैं। जैसे- किसी को घर खरीदने के लिए, किसी को शादी करने के लिए, किसी को खुद की पढ़ाई के लिए या किसी को बच्चों की पढ़ाई के लिए आदि कामों के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि लोगों की जरूरतें उनकी कमाई में पूरी नहीं हो पाती है। ऐसे में कई बड़े कामों के लिए लोगों को लोन लेना पड़ता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी लोन लेने वाले व्यक्ति की मौत हो जाए, तो उसके लोन या क्रेडिट कार्ड की देनदारी का क्या होगा? शायद नहीं, लेकिन कोरोना काल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों की मौत के बाद उनकी देनदारियां पीछे छूट गई। तो चलिए आपको बताते हैं कि ऐसी स्थिति में आखिर होता क्या है।

सबसे पहले बात कर लेते हैं पर्सनल लोन की। दरअसल, इस पर्सनल लोन को सुरक्षित लोन नहीं माना जाता है। ऐसे में ये लोन अनसिक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आते हैं। इसलिए अगर पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहक की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में बैंक किसी दूसरे व्यक्ति, उत्तराधिकारी और कानूनी वारिस से पैसे नहीं ले सकता है। साथ ही बैंक उन्हें लोन चुकाने के लिए मजबूर भी नहीं कर सकता है।

बात अगर क्रेडिट कार्ड की करें, तो ये भी अनसिक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आते हैं यानी ये भी सुरक्षित लोन नहीं होते हैं। अगर किसी क्रेडिट कार्ड ग्राहक की बिना बिल भरे मृत्यु हो जाए, तो बैंक उसके उत्तराधिकारी, कानूनी वारिस और किसी दूसरे व्यक्ति से बची हुई देनदारी नहीं ले सकता है।

होम लोन एक तरह का सुरक्षित लोन होता है, और इसकी अवधि लंबी होती है। इसमें लोन लेने वाले व्यक्ति के अलावा को-एप्लिकेंट का भी प्रावधान होता है। अगर लोन लेने वाले ग्राहक की किसी कारण से मृत्यु हो जाती है, तो फिर बैंक को-एप्लिकेंट से देनदारी लेता है। इसके अलावा कई मामलों में लोन लेते समय ही इंश्योरेंस कर दिया जाता है, और ग्राहक की मृत्यु होने पार बैंक इंश्योरेंस से पैसे ले लेता है।

यही नहीं, ग्राहक की मृत्यु होने पर बैंक संपत्ति बेचकर भी लोन का भुगतान लेता है। अगर ऐसा भी न हो, तो फिर सरफेसी एक्ट के तहत लोन के बदले बैंक ग्राहक की संपत्ति को नीलाम करके अपनी बकाया राशि लेता है।

अगर कोई व्यक्ति किसी तरह का ऑटो लोन यानी कार और बाइक आदि का लोन ले रहा है, और लोन लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। तो ऐसी स्थिति में बैंक उसके परिवार वालों से बकाया चुकाने को कहता है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो फिर बैंक गाड़ी को ले जाकर इसकी नीलामी करके अपने बचे हुए पैसा वापस ले लेता है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-