@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (24 मई, 2022)
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में उपजने वाला केला देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बना रहा है। यहां अब एक किसान के खेत में 13 इंच लंबे केले उगे हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने भी पहली बार इतने बड़े साइज का केला बड़वानी में देखा है। तलून स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यानिकी वैज्ञानिक भी केले की लंबाई को देखकर हैरान हैं। संस्थान के वैज्ञानिक डीके जैन ने कहा कि अब तक इस जिले में आमतौर पर 8 से 9 इंच तक लंबे केले ही उपजते थे, लेकिन यह पहला मामला है जब केले की लंबाई 13 इंच तक पहुंच गई है।
जिले में बगूद गांव के किसान अरविंद जाट ने सवा 6 एकड़ जमीन पर केले की फसल रोपी थी। अब उनके यहां उम्मीद से बढ़कर अच्छी गुणवत्ता वाले केले उपजने शुरू हो गए हैं। इन केलों की लंबाई औसतन 13 इंच है और एक केले का वजन करीब 250 ग्राम है।
अरविंद जाट ने बताया कि पिछले सप्ताह ही दिल्ली से आए अंबानी की रिलायंस कंपनी के कर्मचारी केला खरीद कर ले गए। कुछ दिन पहले ही 10 से 12 टन केले की फसल इरान और इराक गई है।उन्होंने बताया कि केले की फसल तैयार करने में जो लागत आई है, उससे तीन गुना कीमत में फसल बिक रही है।
अरविंद जाट केले की खेती पिछले 37 साल से कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अनुभव हो गया कि फसल के लिए किस तरह के खाद की कब और कैसी जरूरत है। उसी के हिसाब से फसल में खाद का उपयोग किया गया। नतीजा यह निकला कि फसल बहुत अच्छी क्वालिटी की पैदा हुई और अब विदेशों तक सप्लाई हो रही है।
किसान अरविंद जाट ने बताया कि स्थानीय व्यापारी कम भाव में केला खरीदते हैं। वहीं, केला कटाई की मजदूरी भी किसान से लेते हैं, जबकि विदेश केला भेजने पर मजदूरी भी नहीं लगती और दाम भी अच्छा मिल जाता है। साथ ही लोकल व्यापारी बेकार हुए केले को खेत पर ही छोड़कर चले जाते हैं, लेकिन विदेश केले भेजने वाली कंपनी मुख्य केले के भाव ही वेस्टेज माल को भी खरीद लेती है।
किसान अरविंद जाट ने बताया कि इसी मई महीने में केले की दो गाड़ियां भरकर स्थानीय व्यापारियों को बेची हैं, जिनका सात रुपए किलो में सौदा हुआ। जबकि विदेश से उसी केले के भाव 15.50 रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं।
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