@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (17 अप्रैल, 2022)
देश के मौसम में बदलाव दिखने लगा है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित राजधानी दिल्ली और पर्वतीय क्षेत्रों में बादल घिरने के साथ-साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने उत्तर पूर्व भारत में तेज लू का कहर जारी रहने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित कई क्षेत्रों में हीटवेव की भी चेतावनी जारी की गई है जबकि छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश में बूंदाबादी देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में मौसम में बदलाव दिखेंगे। तापमान में गिरावट के बाद आसमान में हल्के फुल्के बादल नजर आ सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। पश्चिमी विक्षोभ के पर्वतीय क्षेत्रों से टकराने की वजह से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर उत्तर पश्चिम राज्य में देखने को मिलेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने साल 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर एक नया बेंचमार्क आंकड़ा पेश किया है। जिसमें देश में लंबी अवधि में मानसून की बारिश और समग्र वार्षिक वर्षा में मामूली गिरावट देखी गई। पूर्वोत्तर भारत सहित कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट देखी गई। जिसका श्रेय जलवायु परिवर्तन को दिया जा सकता है।
आईएमडी का कहना है कि मॉनसून चौथे साल सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में कम बारिश से कृषि प्रभावित नहीं होगी। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक शुष्क युग से गुजर रहा है जो 1971-80 के दशक में शुरू हुआ था। 2011-20 के दशक के लिए अखिल भारतीय एसडब्ल्यू मानसून वर्षा का दशकीय औसत लंबी अवधि से -3.8% (शून्य से 3.8%) है। अगले दशक यानी 2021-30 के तटस्थ के करीब आने की उम्मीद है और दक्षिण-पश्चिम मानसून 2031-40 के दशक से आर्द्र युग में प्रवेश करेगा।
भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि राज्य के उत्तरी जिलों में इस बार भारी बारिश होने की संभावना है, इस बीच मध्य और दक्षिणी जिलों में भी मध्यम से मामूली बारिश होगी। पिछले साल केरल में मानसून के मौसम में 16 फीसदी कम बारिश हुई थी। यह उम्मीद की जा रही है कि एक मौसम पैटर्न ला नीना जो प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में होता है और मानसून को प्रभावित करता है के इस वर्ष नकारात्मक रहने की संभावना है। इसलिए, आईएमडी ने देश में सामान्य मानसून के मौसम की भविष्यवाणी की है।
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