@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (23 मार्च, 2022)
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में आई भारी कमी के बावजूद लोगों के मन में चौथी लहर को लेकर डर बना हुआ है। आईआईटी कानपुर जून माह के अंत में चौथी लहर आने का अनुमान पहले ही जता चुका है।
क्या चौथी लहर जून में आने वाली है, इस सवाल पर दिल्ली कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य और आईएलबीएस के डायरेक्टर डॉ. एसके सरीन ने कहा, ‘ये सवाल सबके मन में है। शायद चौथी लहर ना आए लेकिन उसके लिए तैयारी करनी होगी।’
उन्होंने कहा कि भारत में अभी तक 65 प्रतिशत लोगों को दो टीके लगे हैं। एक तिहाई जनता को एक टीका लगा है। बच्चों को टीके पूरे नहीं लगे। बड़ी तादाद के लोगो को टीके नहीं लगे। बूस्टर डोज़ भी नहीं लगी है। अभी भी जनता कमजोर है। वायरस भी जीना चाहता है।
डॉ. सरीन ने कहा, सीधी सी बात है कि यदि वैक्सीन लगी है तो वायरस कमजोर पड़ेगा लेकिन आप कमजोर हैं तो वायरस बढ़ेगा। लेकिन भारत में कई लोग ऐसे है जो कमजोर हैं तो वायरस आया और उसने अपनी शक्ल बदल ली तो नया वेरिएंट आ सकता है। जिम्मेदारी भी सरकार की है लेकिन बाहर से कोई आया तो उसके साथ एक वेरिएंट भी आ गया तो खतरा बढ़ सकता है।’
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal