@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (14 दिसंबर, 2021)
लखीमपुर खीरी मामले में किसानों पर गाड़ी चढ़ाना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने यह बात कही है। गौरतलब है कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने जज को लिखा है कि आशीष मिश्रा के खिलाफ आरोपों को संशोधित किया जाना चाहिए। मामले में आशीष मिश्रा और अन्य पहले ही हत्या और साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं। विशेष जांच टीम चाहती है कि इसमें हत्या की कोशिश और अन्य आरोप भी जोड़े जाएं।
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नव गठित एसआईटी को जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ‘ऐसे अपराधों की जांच करते समय, न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए दिखना और समझा भी जाना चाहिए। इस प्रकार हम न्याय प्रणाली के आपराधिक प्रशासन में लोगों के विश्वास और भरोसे को बनाए रखने के लिए एसआईटी का फिर से गठन करना उचित समझते हैं ताकि जांच समयबद्ध तरीके से हो। इसके अलावा, अपराध के पीड़ितों को पूर्ण और पूर्ण न्याय का आश्वासन देने के लिए, हम आदेश देने के इच्छुक हैं कि चल रही जांच की निगरानी एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा की जाए जिनकी जड़ें उत्तर प्रदेश राज्य में नहीं हैं।’
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal







