@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (18 जुलाई, 2021)
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग जल्द ही शुरू हो सकती है। इसे सक्षम करने के लिए लॉजिस्टिक्स पर काम किया जा रहा है। न्यायमूर्ति रमना ने गुजरात हाईकोर्ट की कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग के वर्चुअल लॉन्च के दौरान कहा, “सुप्रीम कोर्ट कुछ अदालतों की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने के बारे में सोच रहा है।” गौरतलब है कि हाईकोर्ट सोमवार से लाइव हो गया है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि वर्तमान में, लोगों को मीडिया के माध्यम से अदालती कार्यवाही के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि “वास्तव में, प्रसारण के एजेंटों द्वारा अदालतों की जानकारी को फ़िल्टर किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में, कभी-कभी ट्रांसमिशन लॉस होता है, जिसके कारण संदर्भ की अनुपस्थिति के कारण पूछे गए प्रश्नों और पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों की गलत व्याख्या होती है। निहित स्वार्थ हैं, जो संस्था को शर्मिंदा करने या बदनाम करने के लिए इन गलत व्याख्याओं को बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।”
उन्होंने कहा कि “सीधी पहुंच की कमी गलत धारणाओं के लिए जगह देती है। अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की औपचारिकता इस बीमारी का सबसे अच्छा इलाज है। सूचना के प्रसार के लिए कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग महत्वपूर्ण है जो अनुच्छेद 19 का एक पवित्र पहलू है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह की सीधी पहुंच के माध्यम से लोग पूरी कार्यवाही और न्यायाधीशों की राय के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे “किसी भी शरारत के लिए बहुत कम जगह बचती है।”
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