@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना पर रोक के बाद दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में तल्खियां बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मसले को लेकर सीधे पीएम मोदी से बात करने की इच्छा जाहिर की है।
केजरीवाल ने कहा, ”प्रधानमंत्री जी आज मैं बेहद व्यथित हूं और सीधे आपसे बात करना चाहता हूं। अगर मुझसे कोई भूल हो जाए तो मुझे माफ कर दीजिएगा।” सीएम ने कहा कि दिल्ली में अगले हफ्ते से घर का राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। यानी अब किसी व्यक्ति को राशन के लिए धक्के नहीं खाने पड़ते बल्कि राशन उसके घर आ जाता इसके लिए सारी तैयारी हो चुकी थी और अगले हफ्ते से शुरू होने वाला था। यह क्रांतिकारी कदम होने वाला था और अचानक आपने दो दिन पहले इसको रोक दिया।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, दिल्ली में गरीबों के लिए शुरू होने वाली घर-घर राशन योजना को कृपया मत रोकिए | Press Conference | LIVE https://t.co/gq4dBgQAvO
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 6, 2021
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 75 साल से देश की जनता राशन माफिया से परेशान होती आई है। यह राशन माफिया बहुत ताकतवर है। आज से 17 साल पहले मैंने इस माफिया को ललकारने की हिम्मत की थी उस समय मैं दिल्ली की झुग्गियों में एक एनजीओ में काम करता था। केजरीवाल ने कहा कि उस समय हम पर 7 बार हमले हुए और हमारी एक बहन का गला भी काटा गया। तब हमने कसम खाई कि हम एक दिन इस सिस्टम को ठीक करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि राशन माफिया के तार बहुत ऊपर तक हैं। 75 साल में आज तक कोई सरकार इस माफिया को खत्म करने की हिम्मत नहीं कर पाई। दिल्ली में पहली बार एक सरकार आई है जिसने यह हिम्मत दिखाई है। अगर यह घर का राशन योजना लागू हो जाती तो यह राशन माफिया खत्म हो जाता। उन्हीनें कहा, अगले हफ्ते से यह योजना लागू होने वाली थी और इस राशन माफिया ने इसको खारिज करवा दिया। यह कहा जा रहा है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ली हमने एक बार नहीं बल्कि पांच बार आपकी मंजूरी ली है।
केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा कि अगर इस देश में पिज़्ज़ा, बर्गर, स्मार्टफोन कपड़ों की होम डिलीवरी हो सकती है तो गरीबों के घरों में राशन की होम डिलीवरी क्यों नहीं होनी चाहिए? सारा देश जानना चाहता है आपने यह स्कीम खारिज क्यों की? आपने यह भी लिखा है की कोर्ट में केस चल रहा है इसलिए यह योजना खारिज की जा रही है। इस बात पर योजना कैसे खारिज हो सकती है? अगर आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो देश के गरीबों का क्या होगा? 20 लाख गरीब परिवारों की कौन सुनेगा?

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