हरिद्वार /छत्तीसगढ़ । पतंजलि हरिद्वार स्थित वैदिक कन्या गुरुकुलम स्कूल में सिक्योरिटी की रकम जमा न कराने पर 4 बच्चों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इन चारों बच्चों को अभिभावकों की शिकायत पर प्रशासन ने स्कूल से मुक्त करा दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को बंधक बनाने की बात से इंकार कर दिया है।
पतंजलि गुरुकुल स्कूल में छत्तीसगढ़ के 4 छात्रों को बंधक बनाए जाने की शिकायत मुझ तक पहुंची थी।
गरियाबंद कलेक्टर और एसपी की पहल पर बंधक बनाए गए बच्चों को छोड़ दिया गया है।
मैं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 28, 2021
बताते हैं कि पतंजलि गुरुकुल स्कूल प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ के 4 बच्चों को रोककर रखे थे। गरियाबंद जिले के ये चार बच्चों को घर नहीं आने दिया जा रहा था। बच्चों के अभिभावकों ने एक पत्र में बताया कि प्रबंधन संकट काल में मासूम बच्चों के परिजनों से सिक्योरिटी मनी के नाम पर 2 लाख रुपये जमा करा रहा था।
परिजनों के मुताबिक वह अब तक 2 लाख 25 हजार रुपये जमा कर चुके हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों को ले जाने के लिए 2 लाख रुपये और जमा करिए, तभी बच्चों को छोड़ेंगे। परिजनों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को आवेदन दिए थे, जिसको फाड़कर खिड़की से बाहर फेंक दिया गया।
बच्चों के पिता कौशल सिन्हा ने चारों बच्चों का नाम सुयश सिन्हा, भव्या सिन्हा एलकेजी में व झंसकेतन सिन्हा कक्षा एक व कुमारी झरना रानी सिन्हा कक्षा छह में पढ़ते हैं। परिजनों का आरोप है कि स्कूल ने सभी बच्चों को बंधक बना लिया है।

मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांजगीर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि बच्चों को बंधक बनाने का मामला हमारे संज्ञान में आया है। इसके लिए गरियाबंद एसपी को विशेष टीम गठित कर बच्चों को छुड़ाने के निर्देश दे दिए थे। अब बच्चों को कलेक्टर के पहल के बाद छोड़ दिया गया है।
उनकी माताएं बच्चों से मिलना चाहती हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन बच्चों को छोड़ नहीं रहा था। बच्चों को वापस भेजे जाने के एवज में अभिभावकों से प्रति बच्चे के हिसाब से 50000 यानि 4 बच्चों के लिए कुल 2 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी मांगी गई। अभिभावकों ने दो लाख रुपए देने में असमर्थता जताई और बच्चों को गुरुकुलम से वापस अपने पास सुपुर्द करने की मांग की थी। 

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