@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्रियों को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वो पूरी तैयारी करके पेपर के साथ गई थीं लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया। ममता ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्रियों को पुतला बनाकर रखा गया। ममता ने कहा कि मीटिंग में प्रधानमंत्री ने कुछ कहा और उसके बाद बीजेपी शासित राज्यों के कुछ डीएम ने अपनी बात रखी और मीटिंग खत्म कर दी गई।
ममता ने पूछा कि आखिर पीएम मोदी को मुख्यमंत्रियों से किस बात का डर है? उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम के व्यवहार से कई मुख्यमंत्री अपमानित महसूस कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि पीएम ने वैक्सीन की उपलब्धता, अस्पतालों में बेड उपलब्धता या ब्लैक फंगस पर एक बार भी कुछ नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि हम शर्मिंदा हैं कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जबकि उनकी सरकार आज 10 साल पूरे कर चुकी है।
ममता ने कहा, “हमने सोचा था कि हम वैक्सीन मांगेंगे ताकि सभी को टीका दिया जा सके।” उन्होंने कहा, “पीएम ने अपने भाषण में कहा कि कोरोना कम हो गया है, अगर कम हुआ तो फिर इतनी मौतें क्यों हो रही हैं?” बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से लापरवाही हुई है।
ममता इतने पर ही नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बंगाल आए और यहां कोरोना बढ़ाकर चले गए। सीएम ने कहा कि बंगाल में अभी भी हैं 105 बटालियन तैनात है। हम सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सभी को इलाज दे रहे हैं। उन्होंने पूछा, “क्या पीएम इतने असुरक्षित हैं कि वह सीएम की बात नहीं सुनना चाहते? आखिर इतना डर क्यों?”

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